इस्लामाबाद: चीन ने पाकिस्तान के रेल नेटवर्क के उन्नयन तथा ईरान के साथ एक महत्वपूर्ण पाइपलाइन के निर्माण पर 8.5 अरब डॉलर का निवेश करने का फैसला किया है। मीडिया की खबरों में यह जानकारी दी गई है। इस पाइपलाइन से पाकिस्तान की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
पाकिस्तान के प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी देने वाले निकाय सेंट्रल डेवलपमेंट वर्किंग पार्टी (सीडीडब्ल्यूपी) ने बुधवार को 10 अरब डॉलर की दो परियोजनाओं को मंजूरी दी। चीन प्रत्येक परियोजना की लागत के 85 प्रतिशत का ऋण यानी 8.5 अरब डॉलर उपलब्ध कराएगा।
'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की खबर के अनुसार पाकिस्तान की मौजूदा रेल लाइन के उन्नयन तथा हावेलियन के पास शुष्क बंदरगाह के निर्माण की लागत 8.2 अरब डॉलर बैठेगी। इसमें से चीन सरकार सात अरब डॉलर का रियायती कर्ज उपलब्ध कराएगी। यह परियोजना 46 अरब डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) पैकेज का हिस्सा है और सीपीईसी रूपरेखा करार के दायरे में आती है। इस पर चीन के राष्ट्रपति की अप्रैल, 2015 की पाकिस्तान यात्रा के दौरान दस्तखत हुए थे।
ग्वादर-नवाबशाह एलएनजी टर्मिनल एवं पाइपलाइन परियोजना को भी सैद्धान्तिक मंजूरी दी गई है। इस परियोजना की अनुमानित लागत दो अरब डॉलर है, जिसमें से चीन 1.4 अरब डॉलर का ऋण उपलब्ध कराएगा।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)