यह ख़बर 01 दिसंबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

2-जी : चंदोलिया को भी मिली जमानत

खास बातें

  • दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के तत्कालीन निजी सचिव आर के चंदोलिया को टू जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में जमानत दी।
नई दिल्ली:

दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के तत्कालीन निजी सचिव आर के चंदोलिया को टू जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में जमानत दी। गौरतलब है कि दिल्ली की अदालत ने 2जी मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के पूर्व निजी सचिव आरके चंदोलिया की जमानत याचिका पर कल अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।सीबीआई ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और उनके पूर्व नौकरशाह आरके चंदोलिया व सिद्धार्थ बेहुरा को 2जी मामले में षड्यंत्र के मुख्य रचयिता बताते हुए उनकी जमानत याचिका का बुधवार को विरोध किया था। सीबीआई ने चंदोलिया की जमानत याचिका का विरोध करते हुए यह रुख अपनाया। जब 2जी स्पेक्ट्रम आबंटन में कथित धांधली हुई, उस समय, चंदोलिया राजा के निजी सचिव थे। विशेष सरकारी वकील यूयू ललित ने सीबीआई आदलत के न्यायधीश ओपी सैनी के समक्ष कहा, घोटाले की धुरी ये तीनों महानुभाव ही हैं और इनके साथ वैसा व्यवहार नहीं किया जा सकता है जैसा कि उन लोगों के साथ किया गया जिन्हें जमानत दे दी गई है। सीबीआई सहित विभिन्न पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायधीश ओपी सैनी ने याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। जज ने कहा, मामले पर फैसला कल शाम 4 बजे सुनाया जाएगा। ललित ने चंदोलिया की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि उन्होंने यूनिफाइड एक्सेस सर्विसेज लाइसेंस के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बदल दी गई जिससे निजी कंपनियां लाभान्वित हुईं। उन्होंने कहा, आशय पत्र बांटने की तौर तरीकों को डिजाइन करने में भी उनकी भूमिका रही। बहरहाल, सीबीआई और बचाव पक्ष के वकील की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने चंदोलिया की जमानत याचिका पर फैसला कल तक के लिये सुरक्षित रख लिया।


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