खास बातें
- सरकार ने कहा कि इसकी सेवाएं लाइसेंसिंग शर्तों द्वारा संचालित होती हैं, जिनके तहत तभी सेवाएं शुरू करनी चाहिए, जब उनपर सुरक्षा एजेंसियों का एक्सेस हो।
New Delhi: केंद्र सरकार ने बुधवार को स्पष्ट किया कि ब्लैकबेरी सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। सूचना एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री सचिन पायलट ने लोकसभा में सदस्यों के सवालों के लिखित जवाब में बताया कि ब्लैकबेरी सेवाएं लाइसेंसिंग शर्तों द्वारा संचालित होती हैं, जिनके तहत दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को तभी सेवाएं शुरू करनी चाहिए, जब उन पर सुरक्षा एजेंसियों का एक्सेस हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्लैकबेरी सेवा पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने दूरसंचार क्षेत्र से संबंधित सुरक्षा चिंताओं से निपटने के लिए दूरंसचार सेवा प्रदाताओं के लाइसेंसों से संबंधित शर्तों में संशोधन किया है। पायलट ने बताया कि स्थान आधारित सेवाओं को अनिवार्य बनाया गया है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को मोबाइल प्रयोक्ता का पता लगाना आसान होगा। उल्लेखनीय है कि रिसर्च इन मोशन (रिम) की ब्लैकबेरी सेवाओं को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संभावित खतरा मानते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उसे चेतावनी दी थी कि यदि वह अपनी मैसेंजर और इंटरप्राइज सेवाओं पर सुरक्षा एजेंसियों को एक्सेस मुहैया नहीं कराती, तो उसकी सेवाओं को भारत में प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। इस चेतावनी के बाद रिम ने अपनी ब्लैकबेरी मैसेंजर सेवाओं पर सुरक्षा एक्सेस प्रदान कर दिया, लेकिन इंटरप्राइज सेवाओं को लेकर गतिरोध अभी बना हुआ है। हालांकि दूरसंचार मंत्रालय को उम्मीद है कि रिम इसका समाधान जल्द मुहैया कराएगी। गृह मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि यदि ब्लैकबेरी की इंटरप्राइज सेवाओं सहित इंटरनेट और मोबाइल से जुडी किसी भी सेवा पर सुरक्षा एजेंसियों को एक्सेस नहीं मिलता, तो उसे परिचालन नहीं करने दिया जाएगा।