मोदी सरकार द्वारा Micro Credit Facility को जून 2020 में शुरू किया गया था.
नई दिल्ली: दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने शनिवार को कहा कि सरकार वर्ष 2023 में डिजिटल टेक्नोलॉजी (Digital Technology) की मदद से रेहड़ी-पटरी वालों को 5,000 रुपये तक की सूक्ष्म ऋण सुविधा यानी माइक्रो क्रेडिट फैसिलिटी (Micro Credit Facility) देने पर खास जोर देगी. वैष्णव ने डिजिटल इंडिया पुरस्कार वितरण समारोह में कहा, ''2023 में रेहड़ी-पटरी वालों की 3,000 रुपये से 5,000 रुपये तक माइक्रो क्रेडिट जरूरतों को पूरा करने के लिए सरल तरीके से लेन सुविधाएं मुहैया करने पर खास ध्यान दिया जाएगा.''
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने प्रत्येक नागरिक को डिजिटल रूप से जोड़ने के लिए देश के सभी हिस्सों तक 4G और 5G टेलीकॉम सर्विस (Telecom Service) पहुंचाने के लिए लगभग 52,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश इस साल स्वदेशी रूप से विकसित 4G और 5G टेक्नोलॉजी को लागू होते देखेगा.
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि टेक्नोलॉजी सेक्टर में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुसार देश में बहुत जल्द एक इलेक्ट्रॉनिक चिप विनिर्माण संयंत्र (Electronic Chip Manufacturing Plant) की स्थापना की जाएगी.
प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना को माइक्रो क्रेडिट फैसिलिटी (Micro Credit Facility) के रूप में जून 2020 में शुरू किया गया था. इस पीएम स्वनिधि (PM Street Vendor Atmanirbhar Nidhi) योजना का मकसद कोविड-19 महामारी के चलते हुए नुकसान की भरपाई के लिए रेहड़ी पटरी वालों को सशक्त बनाना है.