खास बातें
- केयर्न एनर्जी ने आखिर केयर्न-वेदांता सौदे के लिए तेल उत्खनन एवं उत्पादन कंपनी ओएनजीसी से अनापत्ति प्रमाणपत्र देने का आग्रह करते हुए पत्र लिखा है।
New Delhi: ब्रिटेन की केयर्न एनर्जी पीएलसी ने आखिर केयर्न-वेदांता सौदे के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल उत्खनन एवं उत्पादन कंपनी ओएनजीसी से अनापत्ति प्रमाणपत्र देने का आग्रह करते हुए पत्र लिखा है। सरकार ने केयर्न एनर्जी और वेदांता रिसोर्सेज के बीच केयर्न इंडिया के लिए हुए सौदे को मंजूरी देने के लिए जो शर्तें रखी थीं, उनमें एक शर्त यह भी थी। केयर्न एनर्जी ने ओएनजीसी से सौदे को पूरा करने के लिए 21 सितंबर तक अनापत्ति प्रमाणपत्र देने का आग्रह किया है। सरकार ने केयर्न एनर्जी से उसके राजस्थान स्थित सभी महत्वपूर्ण तेल क्षेत्रों से उत्पादित कच्चे तेल पर रॉयल्टी और उपकर के भुगतान में भागीदारी निभाने और केयर्न इंडिया की कमान वेदांता रिसोर्सेज के हाथों सौंपने से पहले भारत में उसकी भागीदार कंपनी ओएनजीसी से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने की शर्त रखी थी। केयर्न इंडिया ने हालांकि शुरु में इन शर्तों का विरोध किया था, लेकिन उसकी मूल कंपनी केयर्न एनर्जी ने शेयरधारकों की बैठक में इन शर्तों पर मंजूरी लेने की सलाह दी। केयर्न एनर्जी और वेदांता रिसोर्सेज केयर्न इंडिया में खुद बड़े शेयरधारक हैं। केयर्न इंडिया विभिन्न शेयरधारकों से डाकमत के जरिये 14 सितंबर तक सौदे पर मंजूरी ले लेगी, इसलिये उसका मानना है कि ओएनजीसी भी जल्द से जल्द उसे अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी कर दे, ताकि सौदे को पूरा किया जा सके। केयर्न इंडिया की भारत में राजस्थान के बाड़मेर स्थित तेल क्षेत्र के अलावा देश के विभिन्न हिस्सों में 10 तेल एवं गैस परिसंपत्तियां हैं। इनमें से बाड़मेर तेल क्षेत्र सहित आठ परिसंपत्तियों में सार्वजनिक क्षेत्र की ओएनजीसी 30 प्रतिशत की हिस्सेदार है। केयर्न एनर्जी के प्रबंध निदेशक और सीएफओ जेन ब्राउन ने 16 अगस्त को ओएनजीसी अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एके हजारिका को पत्र लिखकर 21 सितंबर तक उसे अनापत्ति प्रमाणपत्र दिए जाने का अनुरोध किया है। केयर्न एनर्जी की केयर्न इंडिया में 52.11 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि वेदांता रिसोर्सेज ने भी इसमें 18.5 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल कर ली है। दोनों मिलकर सौदे में सरकार की शर्तों के पक्ष में अपना मत देंगे। संपर्क किए जाने पर केयर्न एनर्जी के प्रवक्ता ने कहा, हम ओएनजीसी से केवल सरकार की शर्तों को पूरा करने के मामले मदद का आग्रह कर रहे हैं। केयर्न एनर्जी को केयर्न इंडिया में अपनी 40 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री से 6.02 अरब डॉलर की प्राप्ति होगी। यह हिस्सेदारी लंदन में सूचीबद्ध भारतीय मूल के अरबपति अनिल अग्रवाल की खनन क्षेत्र की कंपनी वेदांता रिसोर्सेज खरीदेगी।