यह ख़बर 04 मार्च, 2011 को प्रकाशित हुई थी

विशेषज्ञों ने कहा, अपेक्षाओं पर खरा नहीं है बजट

खास बातें

  • राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के एक सदस्य और अन्य विशेषज्ञ ने सामाजिक और लैंगिक आधार पर इस बजट में किए प्रावधान को अपर्याप्त बताया है।
नई दिल्ली:

वित्त वर्ष 2011-12 के लिए पेश केंद्रीय बजट पर विभिन्न विशेषज्ञों ने असंतोष जाहिर किया है। राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के एक सदस्य और अन्य विशेषज्ञ ने सामाजिक और लैंगिक आधार पर इस बजट में किए प्रावधान को अपर्याप्त बताया है। राजधानी में एक चर्चा कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों और कार्यकर्ताओं ने समेकित बाल विकास योजना (आईएसडीएस) कोष में मामूली बढ़ोतरी को अपर्याप्त बताते हुए खाद्य सब्सिडी के खर्चे में भी कमी करने की काफी आलोचना की। एनएसी के सदस्य और अर्थशास्त्री एके शिव कुमार ने बजट को सामाजिक क्षेत्रों की अपेक्षा पर खरा उतरने में अपर्याप्त बताया। जेएनयू में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर जयंती घोष ने कहा कि महंगाई की वजह से महिलाओं और बच्चों पर हाल के दिनों में बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है, लेकिन बजट से उन्हें कोई खास सहारा नहीं मिला है।


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