खास बातें
- एयर इंडिया की एयर इंडिया एक्सप्रेस को चार बोइंग विमान पायलट तथा चालक दल सदस्यों के साथ लीज पर देने की योजना है।
मुंबई: सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी एयर इंडिया की एयर इंडिया एक्सप्रेस को चार बोइंग विमान पायलट तथा चालक दल सदस्यों के साथ लीज पर देने की योजना है। इसके अलावा वह 10 एयरबस विमान ड्राई-लीज पर लेना चाहती है, ताकि अपने नेटवर्क का विस्तार कर सके। एयर इंडिया ने अपनी पूर्ण अनुषंगी एयर इंडिया एक्सप्रेस के लिए चार बोइंग 737-800 विमान पांच साल के लिए ड्राई-लीज पर लेने का टेंडर नवंबर माह में जारी किया था। लेकिन पिछले माह जारी कार्यालय आदेश में कहा गया है, एयर इंडिया एक्सप्रेस के लिए चार विमान वेट लीज पर लेने का फैसला किया गया है। वेट लीज वह व्यवस्था होती है जिसमें विमान कंपनी चालक तथा चालक दल सदस्य के साथ विमान लीज पर देती है और इनके रखरखाव तथा बीमे का भुगतान करती है। विमान उपलब्ध कराने वाली कंपनी को भुगतान परिचालन घंटों के आधार पर किया जाता है। वहीं ड्राई लीज में केवल विमान ही लीज पर दिया जाता है। एयर इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अरविंद जाधव द्वारा हस्ताक्षरित आदेशों के अनुसार बी 737 विमानों को वेट लीज पर लिया जा रहा है ताकि क्षमता विस्तार की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। इसके अलावा पंजाब तथा केरल के सांसदों ने भी मूल :उड़ान: कार्यक्रम बहाल करने की मांग की थी। एयर इंडिया एक्सप्रेस मुख्यत: खाड़ी तथा दक्षिण पूर्व एशियाई देशों को उड़ानों का परिचालन करती है और उसके पास 21 विमानों के बेड़े में 17 खुद के विमान हैं, जबकि चार विमान लीज वाले हैं। वेट लीज के प्रस्ताव से हालांकि कंपनी के कुछ अधिकारी खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि वेट लीज हमेशा महंगी पड़ती है और एयर इंडिया एक्सप्रेस के पास पायलटों की कमी नहीं है। एक अन्य घटनाक्रम में एयर इंडिया ने पांच साल के लिए दस ए 330 विमान ड्राई लीज पर लेने का टेंडर जारी किया है। टेंडर के अनुसार इन विमानों की आपूर्ति इस साल की दूसरी तिमाही में अपेक्षित रहेगी। इसके अनुसार ये एयरबस विमान 2009 या बाद में बने होने चाहिए लेकिन उचित प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर कंपनी चार साल पुराने विमानों पर विचार कर सकती है। एयर इंडिया की अपने बेड़े के दो ए 330-200 विमानों को सबलीज पर देने की भी योजना है।