खास बातें
- कुछ चीनी कंपनियों द्वारा मेड इन इंडिया नाम से नाइजीरिया जैसे अफ्रीकी देशों में दवाओं के निर्यात की रिपोर्ट के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है।
New Delhi: सरकार ने दवा निर्यातकों के लिये अपने उत्पादों पर बारकोड लगाने को अनिवार्य कर दिया। इससे संबंधित निर्यातकों के उत्पादों के बारे में जानकारी हासिल करने में मदद मिलेगी। कुछ चीनी कंपनियों द्वारा मेड इन इंडिया नाम से नाइजीरिया जैसे अफ्रीकी देशों में दवाओं के निर्यात की रिपोर्ट के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने सार्वजनिक नोटिस में कहा, दवा उत्पादों का निर्यात करने वाले निर्यातकों के लिए अपने उत्पादों पर बारकोड लगाना अनिवार्य होगा, ताकि उनके उत्पादों के बारे में पता लगाया जा सके और जरूरी जानकारी हासिल की जा सके। वाणिज्य विभाग की इकाई डीजीएफटी ने कहा कि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए दवा निर्यातकों को पर्याप्त समय दिया जा रहा है। उसने कहा, यह 1 जुलाई, 2011 से प्रभावी होगा। बारकोड में उत्पाद के बारे में सूचना होती है जिसे आंकड़े पढ़ने वाले मशीन से पढ़ा जा सकता है। डीजीएफटी के अनुसार साथ ही निर्यातकों को विश्लेषण प्रमाणपत्र देना होगा, जो संबंधित उत्पाद के विनिर्माता जारी करेंगे।