खास बातें
- रिजर्व बैंक ने पिछले साल अप्रैल में जारी मौद्रिक एवं ऋण नीति की सालाना समीक्षा में कहा था कि बैंकों से कर्ज उठाव में 20 प्रतिशत वृद्धि होगी।
मुंबई: बैंकों से कर्ज का उठाव उनकी जमा वृद्धि और रिजर्व बैंक के अनुमान से भी तेजी से बढ़ा है। सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के बैंकों से कर्ज का उठाव चालू वित्त वर्ष में 14 जनवरी तक पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 23.7 प्रतिशत बढ़कर 38.30 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष में इसी अवधि तक बैंकों से दिया गया कर्ज 30.96 लाख करोड रुपये तक रहा था। रिजर्व बैंक ने पिछले साल अप्रैल में जारी मौद्रिक एवं ऋण नीति की सालाना समीक्षा में कहा था कि बैंकों से कर्ज उठाव में 20 प्रतिशत वृद्धि होगी। लेकिन बैंक ने पिछले सप्ताह जारी आंकड़ों के बाद बैंकों में तेजी से बढते कर्ज के उठाव और उसके मुकाबले जमा पूंजी में हुई हल्की वृद्धि पर चिंता जताई। रिजर्व बैंक ने कहा कि इससे बैंकिंग तंत्र में नकदी की तंगी बढने के आसार बने हैं। बहरहाल, केन्द्रीय बैंक ने उम्मीद जताई है कि वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही में सरकारी खर्च बढ़ने और बैंकों को नकदी की एसएलआर सुविधा से इसे दूर करने में मदद मिलेगी।