यह ख़बर 19 फ़रवरी, 2011 को प्रकाशित हुई थी

दूध पाउडर, केसीन के निर्यात पर रोक लगी

खास बातें

  • सरकार ने दूध के बढ़ते दाम पर अंकुश लगाने और बाजार में आपूर्ति बढ़ाने के लिए दूध पाउडर और इसके उत्पादों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया।
New Delhi:

विश्व के सबसे बड़े दूध उत्पादक भारत ने घरेलू बाजार में दूध के बढ़ते दाम पर अंकुश लगाने और घरेलू बाजार में आपूर्ति बढ़ाने के लिए दूध पाउडर और इसके उत्पादों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा दूध पाउडर एवं इसके उत्पादों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की गई और यह रोक तत्काल प्रभाव से लागू है एवं अगले आदेश तक लागू रहेगी। इसके अलावा, केसीन एवं इसके उत्पादों के निर्यात पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। केसीन दूध का प्रोटीन उत्पाद है। पिछले एक साल में दूध की कीमतें खुदरा बाजार में करीब 20 प्रतिशत और थोक स्तर पर 12 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। विदेश व्यापार महानिदेशालय ने कहा, यह प्रतिबंध स्किम्ड दूध पाउडर, थोक दूध पाउडर, डेयरी व्हाइटनर और शिशु दूध उत्पादों पर अगले आदेश तक लागू रहेगा। वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता वाले मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह द्वारा जिंसों की कीमतों की समीक्षा किए जाने के एक दिन बाद यह निर्णय किया गया। सरकार ने पिछले महीने इन उत्पादों पर निर्यात प्रोत्साहन वापस ले लिया था। भारत ने पिछले वित्तवर्ष में 500 करोड़ रुपये मूल्य के दूध पाउडर एवं केसीन का निर्यात किया गया था। दूध पाउडर के निर्यात पर प्रतिबंध लगाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के प्रबंध निदेशक आरएस सोधी ने कहा कि इस निर्णय से कीमतों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। देश में दूध का सालाना उत्पादन 11.2 करोड़ टन है।


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