वित्त मंत्री अरुण जेटली (फाइल तस्वीर)
न्यूयॉर्क: केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (एनवाईएसई) की समापन घंटी (क्लोजिंग बेल) बजाई और वह विश्व के सबसे बड़े शेयर बाजार के ट्रेडिंग फ्लोर पर भी गए।
जेटली ने बुधवार को अमेरिका की अपनी 10-दिवसीय यात्रा शुरू की। उनके साथ भारत का उच्च-स्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था।
इस प्रतिनिधिमंडल में अंबुजा न्योटिया समूह के अध्यक्ष हषर्वर्धन न्योटिया, अपोलो टायर्स के अध्यक्ष ओंकार कंवर, भारती एंटरप्राइजेज के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक राजन भारती मित्तल और भारत होटल्स की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ज्योत्सना सूरी शामिल थीं।
जेटली ने एनवाईएसई के कारोबारी दिन की शाम चार बजे समाप्ति पर परंपरागत समापन घंटी बजाई। उन्होंने घंटी बजाने से पूर्व शेयर बाजार के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। वह उस स्थान पर भी गए, जहां शेयर बाजार कारोबार करता है। जेटली की मौजूदगी में वहां विभिन्न टीवी स्क्रीन पर भारत का तिरंगा झंडा दिखाया जा रहा था।
जेटली ने जब घंटी बजाई, उस समय वहां मौजूद अमेरिका में भारत के राजदूत अरुण कुमार सिंह और भारतीय महावाणिज्यदूत ज्ञानेश्वर मुले ने तालियां बजाईं।
वित्त मंत्री से साथ मौजूद व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल में एचएसबीसी इंडिया की अध्यक्ष नैना लाल किदवई और जेके पेपर के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक हर्ष पति सिंघानिया शामिल हैं। आईसीआईसीआई बैंक, इंफोसिस, टाटा मोटर्स और विप्रो उन भारतीय कंपनियों में शामिल हैं, जो एनवाईएसई में सूचीबद्ध हैं।