यह ख़बर 04 अप्रैल, 2011 को प्रकाशित हुई थी

एस्सार को मिला एपीआई मोनोग्राम, 4,000 करोड़ के बाजार पर नजर

खास बातें

  • रुइया प्रवर्तित एस्सार स्टील एपीआई मोनोग्राम की अनुमति पाने वाली देश की पहली और दुनिया की छठी कंपनी बन गई है।
नई दिल्ली:

रुइया प्रवर्तित एस्सार स्टील एपीआई मोनोग्राम की अनुमति पाने वाली देश की पहली और दुनिया की छठी कंपनी बन गई है। हाइड्रोकॉर्बन उद्योग में इस्तेमाल होने वाली स्टील प्लेटों पर इसे लगाया जाएगा।  एस्सार स्टील के एक अधिकारी ने कहा कि इससे कंपनी को न केवल 4,000 करोड़ रुपये के घरेलू बाजार में मुख्य हिस्सेदारी हासिल करने में मदद मिलेगी, अपितु वह पश्चिम एशिया, यूरोप और अन्य देशों के अंतरराष्ट्रीय बाजारों की संभावनाओं का दोहन भी कर सकेगी। बंदरगाह आधारित इस्पात संयंत्र वाली एस्सार स्टील दुनिया के किसी भी बाजार में आसानी से प्लेट भेज सकेगी। अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टिट्यूट एपीआई मोनोग्राम का प्रबंधन करता है। तेल एवं गैस उद्योग एपीआई मोनोग्राम वाले उपकरणों और उत्पादों पर निर्भर करता है। एस्सार स्टील हजीरा प्लेट मिल में इस तरह की प्लेट्स का विनिर्माण करेगी। इसमें अधिक चौड़ी पांच मीटर की प्लेट बनाई जाएगी। भारतीय हाइड्रोकॉर्बन उद्योग वर्तमान में अपनी सालाना 2,00,000 टन की मांग की पूर्ति आयात के जरिए करता है।


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