यह ख़बर 20 अप्रैल, 2011 को प्रकाशित हुई थी

एंडोसल्फान पर राष्ट्रव्यापी रोक व्यावहारिक नहीं : पवार

खास बातें

  • शरद पवार ने कहा है कि एंडोसल्फान कीटनाशक पर राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध लगाना व्यावहारिक नहीं है। एंडोसल्फान को स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना जाता है।
New Delhi:

कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा है कि एंडोसल्फान कीटनाशक पर राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध लगाना व्यावहारिक नहीं है। एंडोसल्फान को स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना जाता है। इस कीटनाशक को 1950 में पेश किया गया था। इसका सब्जियों, फलों, धान, कपास, काजू, चाय, कॉफी और तंबाकू जैसी 70 फसलों में इस्तेमाल होता है। केरल में इस कीटनाशक पर 2003 से प्रतिबंध है। कर्नाटक सरकार ने भी दो माह पूर्व इसके इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। पवार ने बुधवार को एक कार्यक्रम के दौरान इस बारे में पूछे जाने पर कहा, यदि हमें एंडोसल्फान पर राष्ट्रव्यापी पाबंदी लगानी है, तो इसके लिए अन्य राज्यों से भी विचार-विमर्श करना होगा। हम सिर्फ किसी एक के आग्रह पर इस पर राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध नहीं लगा सकते हैं। पिछले दो दशक के दौरान कई देशों ने एंडोसल्फान के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नुकसान को स्वीकार किया है और इसके इस्तेमाल को प्रतिबंधित कर दिया है। देश में एंडोसल्फान का सालाना उत्पादन 9,000 टन है। इसी बीच, कृषि मंत्री ने सहकारिताओं को भारतीय कृषि जगत का मजबूत खंभा बताते हुए वित्त मंत्री से प्रणव मुखर्जी से इनको आयकर छूट देने का आग्रह किया है। पवार ने राज्य के सहकारिता मंत्रियों की राष्ट्रीय स्तर की बैठक को संबोधित करते हुए कहा, मैंने वित्त मंत्री को पत्र लिखकर सहकारी सोसायटियों को आयकर से मुक्त करने का आग्रह किया है। देश में सहकारी सोसायटियों की संख्या छह लाख है और इनके सदस्यों की संख्या 25 करोड़ है।


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