यह ख़बर 10 मई, 2012 को प्रकाशित हुई थी

हाई कोर्ट की बात नहीं मानी, मेरी क्या मानेंगे : पायलटों पर अजित सिंह

खास बातें

  • एयर इंडिया के पायलटों की हड़ताल के तीसरे दिन गुरुवार को नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने कहा कि जब पायलटों ने हाई कोर्ट की बात नहीं मानी तब वे मेरी बात को क्यों मानेंगे।
नई दिल्ली:

एयर इंडिया के पायलटों की हड़ताल के तीसरे दिन गुरुवार को नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने कहा कि जब पायलटों ने हाई कोर्ट की बात नहीं मानी तब वे मेरी बात को क्यों मानेंगे।

सिंह ने कहा कि सरकार पायलटों के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है और उम्मीद है कि वे उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन करेंगे जिसमें इस हड़ताल को गैर-कानूनी करार दिया गया है।

सिंह ने कहा ‘उच्च न्यायालय ने बेहद स्पष्ट आदेश दिया है। हम उम्मीद करते हैं कि पायलट उच्च न्यायालय के आदेश को मानेंगे। हर मुद्दे पर बातचीत हो सकती लेकिन उन्हें पहले हमारे पास आना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि विमानन कंपनी और यात्रियों का हित सर्वोपरि है। मंत्री ने कहा ‘उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि एयर इंडिया अपनी विश्वसनीयता नहीं खोए।’ अदालत के आदेश के बावजूद पायलटों ने विरोध जारी रखा हुआ है और कहा कि मांग पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

इंडिया पायलट गिल्ड (आईपीजी) से संबद्ध एयर इंडिया के करीब 200 पायलटों ने मंगलवार को चिकित्सा अवकाश ले लिया जिसके कारण कल छह अंतरराष्ट्रीय उड़ानें और आज 20 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। ये पायलट बोइंग 787 ड्रीमलाईनर उड़ाने के प्रशिक्षण कार्यक्रम के पुननिर्धारण और कैरियर में प्रोन्नति से जुड़े मामले को ले कर विरोध कर रहे हैं।

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सिंह ने कहा कि न्यायमूर्ति धर्माधिकारी समिति की रपट में आंदोलनकारी पायलटों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विचार कर लिया गया है। यह पूर्ववर्ती एयर इंडिया और इंडियन एयरलाईन्स के कर्मचारियों को प्रोन्नति आदि से जुड़े मामलों में समान अवसर देने से जुड़ी है।