यह ख़बर 07 दिसंबर, 2012 को प्रकाशित हुई थी

विमान ईंधन करों में कटौती करें राज्य : अजित सिंह

खास बातें

  • आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही विमानन कंपनियों को राहत देने के लिए नागरिक विमानन मंत्री अजित सिंह ने आज राज्यों के मुख्यमंत्रियों से विमान ईंधन पर लगाए जाने वाले करों में कटौती करने को कहा।
कोलकाता:

आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही विमानन कंपनियों को राहत देने के लिए नागरिक विमानन मंत्री अजित सिंह ने आज राज्यों के मुख्यमंत्रियों से विमान ईंधन पर लगाए जाने वाले करों में कटौती करने को कहा।

सिंह ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) के पूर्व छात्रों के एक सम्मेलन के दौरान संवाददाताओं से अलग बातचीत में कहा, ‘मैंने मुख्यमंत्रियों को कई बार इस संबंध में पत्र लिखा है, लेकिन वे सभी अपनी राजकोषीय समस्याओं को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एकमात्र राज्य है, जिसने विमान ईंधन पर लगाए जाने वाले करों में चार प्रतिशत की कटौती की है। महाराष्ट्र ने भी इस पर विचार करने की घोषणा की है।

विमान ईंधन पर दिल्ली में 20 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 25 प्रतिशत तो पश्चिम बंगाल में 29 प्रतिशत कर लगाया जाता है।

अधिकांश राज्य सरकारों द्वारा विमान ईंधन कर के मुद्दे पर रुचि नहीं दिखाने की वजह से केंद्र सरकार विमान ईंधन की कीमतों के निर्धारण को पेट्रोलियम विनियामक के अधीन लाने पर सहमत हुई है। इसका उद्येश्य उत्तरदायित्व सुनिश्चित करना और एयरलाइंस कंपनियों की लागत को कम करना है।

भारतीय विमानन बाजार में उतरने को इच्छुक विदेशी कंपनियों ने भी विमान ईंधन पर लगाए जाने वाले करों पर चिंता जतायी है।

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सिंह ने कहा कि अब तक किसी विदेशी विमानन कंपनी ने एफडीआई मंजूरी के लिए सरकार से संपर्क नहीं किया है। उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि इस संबंध में बातचीत चल रही है जैसा कि अखबारों में खबरें आ रही हैं। मुझे लगता है कि सौदों पर हस्ताक्षर करने के बाद वे हमें सूचित करेंगे। किंगफिशर के बारे में उन्होंने कहा कि उसे डीजीसीए मानकों को पूरा करना होगा।