खास बातें
- एयर इंडिया के 1,600 में से करीब आधे पायलटों की हड़ताल आठवें दिन भी जारी रहने से विमानन कम्पनी ने करीब 221 घरेलू उड़ानें रद्द कर दीं।
नई दिल्ली: एयर इंडिया के 1,600 में से करीब आधे पायलटों की हड़ताल बुधवार को आठवें दिन भी जारी रहने से विमानन कम्पनी ने करीब 221 घरेलू उड़ानें रद्द कर दीं। एयर इंडिया प्रबंधन और हड़ताली पायलटों के बीच कोई समझौता नहीं हो पाने के कारण एयर इंडिया प्रबंधन ने कहा है कि वह यात्रियों को सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अपनी सहयोगी कम्पनी एलायंस एयर की 100 उड़ानों का संचालन कर रही है। कम्पनी के मुम्बई स्थित मुख्यालय में मौजूद एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "केवल चार उड़ानों के चालन का निर्णय लिया गया है जो कि चार प्रमुख शहरों के बीच संचालित होती हैं। यह निर्णय आज (बुधवार) से लागू हुई नई संचालन योजना के तहत लिया गया है।" अधिकारी ने कहा, "एलायंस एयर के साथ ये चार उड़ानें आज के लिए पर्याप्त हैं क्योंकि टिकटों की बुकिंग पिछले पांच दिनों से बंद है। इसलिए यात्री लंबित नहीं हैं। टिकटों की बिक्री दोबारा शुरू करने के सम्बंध में हम दिन के अंत तक निर्णय लेंगे।" अधिकारी ने कहा कि हड़ताल जारी रहने से पिछले आठ दिनों में कम्पनी को 85 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन वार्ता शुरू करने के लिए तैयार है, यहां तक कि यदि पायलट हड़ताल खत्म करें तो प्रबंधन बर्खास्त किए गए पायलटों को वापस लेने के लिए तैयार है। वहीं हड़ताल पर गए पायलट वेतन में समानता के मुद्दे पर कोई हल नहीं निकलने तक हड़ताल खत्म करने के लिए तैयार नहीं है। हड़ताल पर गए पायलट इंडियन एयरलाइंस के पूर्व कर्मचारी हैं, इस एयरलाइंस का वर्ष 2007 में एयर इंडिया में विलय किया गया था। हड़ताल का समर्थन कर रहे कार्यकारी पायलट कैप्टन वीके भल्ला ने कहा, "हम वेबकूफ नहीं हैं जो पहले हड़ताल शुरू करके बर्खास्त हों और फिर प्रबंधन हमें कहे कि यदि आप हड़ताल छोड़ दें तो आपको दोबारा लिया जाएगा।" उन्होंने कहा, "हड़ताल का मुख्य कारण वेतन में समानता और बकाया भुगतान की मांग है।"