खास बातें
- एयर इंडिया के निदेशक मंडल ने सोमवार को अगले 10 साल के दौरान परिसंपत्तियों की बिक्री से 5,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना को मंजूरी दे दी है।
नई दिल्ली: एयर इंडिया के निदेशक मंडल ने सोमवार को अगले 10 साल के दौरान परिसंपत्तियों की बिक्री से 5,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना को मंजूरी दे दी है। कंपनी इस राशि से सरकार और बैंकों से लिए गए कर्ज की अदायगी करेगी।
एयर इंडिया की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘‘सरकार द्वारा मंजूर योजना के तहत एयर इंडिया का इरादा 10 साल के दौरान अपनी परिसंपत्तियों के मौद्रिकरण से 5,000 करोड़ रुपये जुटाने का है। अपनी वित्तीय पुनर्गठन योजना के तहत कंपनी हर साल औसतन 500 करोड़ रुपये जुटाएगी।’’ बयान में कहा गया है कि एयर इंडिया भारत में गहन अनुभव वाले रीयल एस्टेट सलाहकार की नियुक्ति पर विचार कर रही है, जिससे वह अपनी परिसंपत्तियों को बेच सके। कंपनी ने परिसंपत्तियां देशभर में फैली हैं। यह नियुक्ति कंपनी 30 जून तक करेगी।
निदेशक मंडल ने सरकारी गारंटी वाले गैर परिवर्तनीय डिबेंचरों को भी 7,400 करोड़ रुपये में जारी करने की अनुमति दे दी, जिससे वह बैंकों से मिली कार्यशील पूंजी का आंशिक भुगतान कर सकेगी।
पायलटों की जारी हड़ताल को गंभीरता से लेते हुए निदेशक मंडल ने प्रबंधन द्वारा 71 हड़ताली पायलटों के बख्रास्तगती के फैसले का समर्थन किया। निदेशक मंडल ने कहा कि अनुशासनहीनता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।