खास बातें
- एसोसिएशन के अध्यक्ष कैप्टन एएस भिंडर ने कहा कि पूर्ववर्ती इंडियन एयरलाइंस के 800 से ज्यादा पायलट अपने काम पर लौट आएंगे।
नई दिल्ली: एयर इंडिया के पायलटों ने शुक्रवार रात दस दिन पुरानी हड़ताल वापस ले ली है। सरकार द्वारा निलंबित एवं बर्खास्त पायलटों को बहाल करने, उनके यूनियन की मान्यता वापस करने और अनियमितता की उनकी शिकायतों पर गौर करने पर सहमत होने के बाद उन्होंने हड़ताल वापस ली। एसोसिएशन के अध्यक्ष कैप्टन एएस भिंडर ने कहा कि पूर्ववर्ती इंडियन एयरलाइंस के 800 से ज्यादा पायलट एवं एग्जीक्यूटिव पायलट शुक्रवार को रात से अपने काम पर लौट आएंगे। नागर विमानन मंत्रालय के अधिकारियों के साथ पांच घंटे की लंबी वार्ता के बाद भिंडर एवं आईसीपीए के महासचिव ऋषभ कपूर ने कहा कि हड़ताल के दौरान बर्खास्त और निलंबित सभी पायलट बहाल किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि हड़ताल शुरू होने के तुरंत बाद मान्यता खत्म किये गये आईसीपीए की मान्यता भी बहाल कर दी जाएगी। भिंडर ने कहा, सरकार ने हमें आश्वासन दिया है कि वे हमारी सभी मांगों पर गौर करेंगे जिसमें एयरलाइन प्रबंधन में अनियमितता की शिकायतें भी शामिल हैं। सबसे प्रमुख मांगों में 75 निश्चित उड़ान घंटे भत्ता की मांग भी शामिल है जो उनके एयर इंडिया के सहकर्मी पाते हैं। हड़ताली पायलटों की मांग रही है कि हड़ताल के दौरान सभी बर्खास्तगी, निलंबन और तबादलों को वापस लिया जाए, आईसीपीए की मान्यता बहाल की जाए, एयर इंडिया प्रबंधन द्वारा दायर न्यायालय की अवमानना याचिका को वापस लिया जाए, कथित भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया जाए और सभी अन्य मुद्दों को समयबद्ध तरीके से निपटाया जाए। एयर इंडिया के सीएमडी अरविंद जाधव को हटाने की उनकी मांग के बारे में पूछने पर भिंडर ने कहा, इस बारे में हमारा जवाब है कि सरकार सभी अनियमितताओं पर गौर करने पर राजी हो गई है। पायलटों की हड़ताल खत्म होने पर नागर विमानन मंत्री व्यालार रवि ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा, उनकी कोई बुरी मंशा नहीं है और बदले की भावना नहीं होगी। दिल्ली उच्च न्यायालय में अवमानना नोटिस के बारे में उन्होंने कहा कि अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख 25 मई तय की है। मंत्री ने कहा कि वह पायलटों को धन्यवाद देते हैं कि हमारे सुझावों पर सहमत हुए और हड़ताल वापस ले ली। हड़ताली पायलटों की मांग के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, धर्माधिकारी समिति द्वारा कर्मचारियों के सभी वर्गों के हितों का ख्याल रखा जाएगा। उन्होंने कहा, हमारे पास कर्मचारियों के दूसरे धड़ों का प्रतिनिधिमंडल भी आया और उनसे समिति से संपर्क करने को कहा गया। रवि ने कहा कि दोनों पक्षों द्वारा किसी समझौते पर पहुंचने के बाद तीन सदस्यीय समिति अगले कुछ महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। आईसीपीए से संबद्ध 800 से ज्यादा पायलटों की हड़ताल के कारण एयरलाइन का 90 फीसदी से ज्यादा संचालन ठप हो गया। हड़ताल के कारण इसके 60 विमानों का संचालन नहीं हुआ। एयर इंडिया ने सात पायलटों को बर्खास्त कर दिया था और छह को निलंबित कर दिया था। दिल्ली उच्च न्यायालय ने इसकी आज्ञा का पालन कर हड़ताल खत्म नहीं करने के लिये मान्यता खत्म किये गये आईसीपीए के नौ अधिकारियों को अवमानना नोटिस दिया था। एयरलाइन को करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये की संचालन हानि हुई थी।