यह ख़बर 12 जून, 2012 को प्रकाशित हुई थी

हड़ताली पायलटों को ‘पे-रोल’ पर रखने के बारे में फैसला जल्द

खास बातें

  • एयर इंडिया जहां एक ओर 300 हड़ताली पायलटों को बख्रास्त करने पर विचार कर रही है, वहीं अजित सिंह ने कहा है कि अब एयरलाइन प्रबंधन को इस बात का फैसला करना होगा कि वह कब तक इन पायलटों को कंपनी में कायम रखती है।
नई दिल्ली:

एयर इंडिया जहां एक ओर 300 हड़ताली पायलटों को बख्रास्त करने पर विचार कर रही है, वहीं नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह ने कहा है कि अब एयरलाइन प्रबंधन को इस बात का फैसला करना होगा कि वह कब तक इन पायलटों को कंपनी में कायम रखती है।

एयर इंडिया पायलटों की 36 दिन पुरानी हड़ताल खत्म होती नहीं दिख रही है। इस बीच, संकटग्रस्त एयरलाइन ने अपने वैश्विक परिचालन की समीक्षा के लिए एक समिति का गठन किया है, जो यह पता लगाएगी कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के परिचालन के लिए वास्तव में कितने पायलटों की जरूरत है।

समिति प्रबंधन को इस बारे में सलाह देगी कि एयर इंडिया के अंतरराष्ट्रीय परिचालन के लिए कितने पायलटों की जरूरत है। एयरलाइन के अधिकारियों ने कहा कि ऐसा लगता है कि एयरलाइन के पास उसकी जरूरत से अधिक पायलट हैं।

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अजित सिंह ने चेताया कि यदि एयरलाइन में किसी तरह का मामूली गैर जिम्मेदाराना व्यवहार या आंदोलनकारी रुख किसी अन्य वर्ग के कर्मचारियों द्वारा दिखाया है, तो इससे उसकी क्षमता को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं।
सिंह ने कहा, ‘‘अब एयर इंडिया प्रबंधन को कार्रवाई करनी है। ये पायलट 30 दिन से अधिक से काम पर नहीं आए हैं। यह गैरकानूनी हड़ताल है। उन्होंने उच्च न्यायालय के आदेश का भी पालन नहीं किया है।