खास बातें
- सरकार ने बताया कि एयर इंडिया को वर्ष 2010-11 में 6994 करोड़ रुपये का घाटा होने का अनुमान है, जो 2009-10 में 5552.55 करोड़ रुपये था।
नई दिल्ली: सरकार ने गुरुवार को बताया कि एयर इंडिया को वर्ष 2010-11 में 6994 करोड़ रुपये का घाटा होने का अनुमान है, जो 2009-10 में 5552.55 करोड़ रुपये था। नागर विमानन मंत्री वायलार रवि ने बताया कि एयर इंडिया को वर्ष 2008-09 में 5548.26 करोड़ रूपये का घाटा हुआ था। इस तरह एयरलाइन का घाटा पिछले तीन साल से लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वित्त वर्ष 2009-10 में 800 करोड़ रुपये, 2010-11 में 1200 करोड़ रुपये और 2011-12 में 1200 करोड़ रुपये एयर इंडिया में इक्विटी के तौर पर लगाये हैं। उन्होंने वाई एस चौधरी के सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। नागर विमानन मंत्री ने प्रभात झा और कुसुम राय के सवालों के जवाब में बताया कि एयर इंडिया जिन 175 मार्गो पर अपनी सेवाएं परिचालित कर रहा है उनमें से मात्र दो पर ही उसकी सारी लागत निकल पा रही है। उन्होंने कहा कि एयर लाइन द्वारा विभिन्न मार्गो पर परिचालित सेवाओं में अप्रैल सितंबर 2001 के दौरान केवल कोलकाता यांगून और कोलकाता काठमांडो मार्ग पर ही पूरी लागत निकल पा रही है।