जीएसटी के तहत लाया जाए विमान ईंधन : स्पाइस जेट प्रमुख

विश्व आर्थिक मंच के भारत आर्थिक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि यदि कराधान और लागत के तौर पर विमानन क्षेत्र को लाभ दिए जाएं तो ऐसा कोई कारण नहीं कि अगले एक दशक में भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ता विमानन बाजार बनकर न उभरे.

जीएसटी के तहत लाया जाए विमान ईंधन : स्पाइस जेट प्रमुख

प्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली:

निजी विमानन कंपनी स्पाइस जेट के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने विमान ईंधन (एटीएफ) पर कर कम करने की वकालत करते हुए कहा कि इसे माल एवं सेवाकर (जीएसटी) के तहत लाया जाए ताकि भारतीय विमानन क्षेत्र दुनिया में तेजी से आगे बढ़ सके. विश्व आर्थिक मंच के भारत आर्थिक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि यदि कराधान और लागत के तौर पर विमानन क्षेत्र को लाभ दिए जाएं तो ऐसा कोई कारण नहीं कि अगले एक दशक में भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ता विमानन बाजार बनकर न उभरे.

सिंह ने कहा, ‘‘यदि देश में हवाई संपर्क बढ़ाना है और विमानन क्षेत्र की लागत को नीचे लाना है तो इस लागत का सबसे बड़ा कारण विमान ईंधन है.

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हम चाहते हैं कि विमान ईंधन की लागत को नीचे लाया जाए और राज्यों को इस पर बिक्री कर कम करना चाहिए. साथ ही इसे जीएसटी के तहत लाया जाए ताकि इस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया जा सके.’’ 
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उन्होंने कहा, ‘‘यदि ऐसा होता है तो विमान ईंधन के दाम कम होंगे, हवाई किराया कम होगा और विमानन क्षेत्र में वृद्धि होगी.’’ सिंह ने जीएसटी से जुड़े व्यवधानों पर भी चिंता व्यक्त की और उम्मीद जतायी कि इसे समय के साथ ठीक कर लिया जाएगा. (भाषा)


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