यह ख़बर 02 अप्रैल, 2011 को प्रकाशित हुई थी

'भारत, चीन को नजरंदाज नहीं कर सकती दुनिया'

खास बातें

  • दुनिया विशेषकर विकसित पश्चिमी देश, भारत और चीन को नजरंदाज नहीं कर सकते। एडीएजी के अध्यक्ष अनिल अंबानी ने यह बात कही।
वाशिंगटन:

दुनिया विशेषकर विकसित पश्चिमी देश, भारत और चीन को नजरंदाज नहीं कर सकते। अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) के अध्यक्ष अनिल अंबानी ने यह बात कही। अमेरिकी एग्जिम बैंक के वार्षिक कांफ्रेस से अलग वैश्विक अर्थव्यवस्था की बदलती धुरी और इसके व्यापार के लिए निहितार्थ विषयक परिचर्चा में अंबानी ने कहा कि लंबे समय तक 8 से 9 प्रतिशत सालाना जीडीपी वृद्धि हासिल करने की पूरी संभावना है। अंबानी ने कहा कि इस तरह की वृद्धि भारत और चीन में वास्तविकता है जबकि अमेरिका और दूसरे विकसित देशों के लिए असंभव। लेकिन भारत के समक्ष अनेक चुनौतियां भी हैं जिसे प्राथमिकता के स्तर पर हल करना होगा। भारत में बौद्धिक, भौतिक और सामाजिक बुनियादी ढांचा विकसित करने की जरूरत है। यही भारत में वृद्धि को आगे बढ़ाने वाले कारक होंगे। अंबानी ने कहा कि अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत में विशाल अवसर हैं। प्रत्येक वर्ष करीब एक लाख भारतीय छात्र अमेरिका आते हैं। आने वाले समय में भारतीयों का एक बड़ा समूह अमेरिका के लोगों की तरह सोचना और रहना पसंद करेगा। उन्होंने कहा, भारत के लोगों की बचत में गिरावट आएगी और क्रेडिट कार्ड अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। अंबानी से सहमति जताते हुए पीटरसन इंस्टीच्युट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स के सीनियर फेलो अरविंद सुब्रहम्णयन ने कहा 2030 तक विश्व की तीन शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने जा रहे भारत और चीन की विश्व अनदेखी नहीं कर सकता।


Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com