यह ख़बर 22 फ़रवरी, 2012 को प्रकाशित हुई थी

2-जी : रूइया, खेतान को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने से छूट

खास बातें

  • दिल्ली की एक अदालत ने 2-जी मामले में एस्सार समूह के प्रवर्तक अंशुमन और रवि रूइया तथा लूप टेलीकाम के प्रवर्तक आईपी खेतान और किरण खेतान को व्यक्तिगत रूप से अपने समक्ष उपस्थित होने से आज छूट दे दी।
नई दिल्ली:

दिल्ली की एक अदालत ने 2-जी मामले में एस्सार समूह के प्रवर्तक अंशुमन और रवि रूइया तथा लूप टेलीकाम के प्रवर्तक आईपी खेतान और किरण खेतान को व्यक्तिगत रूप से अपने समक्ष उपस्थित होने से आज छूट दे दी। अदालत ने 2-जी मामले में आरोपी के रूप में इन सभी को समन दिया था। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी ने कहा, ‘‘चारों आरोपियों (रुइया और खेतान) को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होने की छूट केवल आज भर के लिए है।’’ विशेष सरकारी अभियोजक यू यू ललित ने कहा कि जांच एजेंसी उनकी अर्जी का विरोध नहीं कर रही है। उसके बाद न्यायाधीश ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होने की छूट दी।

रूइया तथा खेतान की तरफ से मामले में पेश क्रमश: वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी तथा पराग त्रिपाठी ने अलग-अलग अर्जी दायर कर अपने मुवक्किलों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने से छूट दिये जाने का अनुरोध किया। वकीलों ने अपनी दलीलों में कहा कि उनके मुवक्किल संयुक्त अरब अमीरात में रहते हैं और उन्हें उपयुक्त तरीके से सम्मन नहीं मिला है। आईपी खेतान तथा किरण खेतान ने खराब स्वास्थ्य के कारण भी मामले में व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होने से छूट दिये जाने का अनुरोध किया।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

रोहतगी ने कहा, ‘‘हमारे खिलाफ मामला भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत नहीं है। पुन: हमने दिल्ली उच्च न्यायालय के प्रशासनिक आदेश को भी चुनौती दी है जिसके 2-जी मामले की सुनवाई के लिए इस अदालत का गठन हुआ है।’’