500-1000 और 2000 के पुराने नोट बदलने को लेकर RBI के नए नियम आए हैं क्‍या? जान लीजिए सच्‍चाई 

PIB फैक्ट चेक ने यह भी कहा कि वित्तीय नियमों और करेंसी से जुड़ी जानकारी के लिए आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट ही सबसे भरोसेमंद स्रोत है. सही और प्रमाणित जानकारी के लिए लोगों को केवल आरबीआई की वेबसाइट पर ही भरोसा करना चाहिए.

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Bank Currency Old Note Change Rules: क्‍या RBI ने नए नियम जारी किए हैं?

RBI Old Note Change Rules Facts: देश में नोटबंदी हुए इस साल एक दशक हो जाएंगे. इन 10 वर्षों में समय-समय पर तरह-तरह की खबरें आती रही हैं. कुछ सही खबरें तो कुछ अफवाहों को भी हवा मिलती रही हैं. फिर मई 2023 में 2,000 रुपये के नोट चलन से बाहर हुए तो उन्‍हें बदलने को लेकर नियमों में समय-समय पर बदलाव हुआ. अब केवल RBI के अधिकृत शाखाओं और कार्यालयों में ही ये नोट बदले जा सकते हैं. अब एक बार फिर सोशल मीडिया पर खबरें आ रही हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बंद हो चुकी करेंसी को बदलने के लिए नए नियम जारी किए हैं. तो क्‍या सोशल मीडिया पर किया जा रहा ये दावा सच है, क्‍या सच में RBI ने नोट बदलने को लेकर नए नियम जारी किए हैं? 

PIB ने बता दी वायरल मैसेज की सच्‍चाई 

केंद्र सरकार की सूचना एजेंसी PIB यानी प्रेस इंफॉर्मेशन ब्‍यूरो की फैक्ट-चेक यूनिट ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ऐसी खबरों का खंडन किया है.  पीआईबी फैक्ट चेक ने इन दावों को पूरी तरह फर्जी बताया और साफ किया कि आरबीआई ने ऐसा कोई भी ऐलान नहीं किया है.

पीआईबी यूनिट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'कुछ खबरों में दावा किया जा रहा है कि आरबीआई ने बंद नोटों को बदलने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं. यह दावा फर्जी है. आरबीआई ने ऐसा कोई भी ऐलान नहीं किया है.'

RBI की ऑफिशियल साइट पर ही करें भरोसा 

पीआईबी फैक्ट चेक ने यह भी कहा कि वित्तीय नियमों और करेंसी से जुड़ी जानकारी के लिए आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट ही सबसे भरोसेमंद स्रोत है. सही और प्रमाणित जानकारी के लिए लोगों को केवल आरबीआई की वेबसाइट पर ही भरोसा करना चाहिए.

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इसके साथ ही लोगों को बिना जांचे-परखे किसी भी संदेश को आगे न भेजने की सलाह दी गई है. पीआईबी ने कहा कि केवल भरोसेमंद और आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी ही साझा करें. अगर कोई संदिग्ध मैसेज, फोटो या वीडियो मिले, तो उसे सत्यापन के लिए पीआईबी को व्हाट्सएप या ईमेल के जरिए भेजा जा सकता है.

पहले भी वायरल हो चुकी हैं ऐसी फर्जी खबरें 

पिछले साल अक्टूबर में भी पीआईबी ने ऐसी ही एक फर्जी खबर का खंडन किया था, जिसमें कहा गया था कि आरबीआई ने पुराने 500 और 1000 रुपए के नोट बदलने के लिए नए नियम जारी किए हैं. ये नोट नोटबंदी के दौरान नवंबर 2016 में बंद कर दिए गए थे और तब से अब तक इन्हें बदलने के लिए कोई नया नियम जारी नहीं किया गया है.

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फर्जी दावों पर न करें भरोसा 

पीआईबी ने एक वायरल वीडियो को गलत बताया था, जिसमें दावा किया जा रहा था कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण किसी हाई-रिटर्न निवेश योजना को प्रमोट कर रही हैं. पीआईबी ने स्पष्ट किया था कि न तो सरकार और न ही वित्त मंत्री किसी ऐसी योजना का समर्थन कर रही हैं.

पिछले महीने भी पीआईबी ने एक फर्जी मैसेज को चिन्हित किया था, जिसमें कहा गया था कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की योनो ऐप के अकाउंट आधार अपडेट न करने पर ब्लॉक कर दिए जाएंगे. सरकार ने लोगों से अपील की है कि ऐसी अफवाहों से सावधान रहें और किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें. 

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