अमेरिका-ईरान टेंशन की वजह से देश में पिछले 20 दिनों में कई बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ चुके हैं. हालांकि आज मंगलवार, 2 जून को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. ऐसे में आम नागरिक को राहत मिली है. दूसरी तरफ आज सुबह कच्चे तेल की कीमतों में 0.91% की गिरावट देखी गई है. ब्रेंट ऑइल के वायदा भाव की बात करें तो अभी 94.61 डॉलर प्रति बैरल चल रहा है. पेट्रोल-डीजल भरवाने से पहले इस खबर में आज के ताजा भाव के बारे में आपको जानकारी देते हैं.
मुंबई, दिल्ली और नोएडा में पेट्रोल-डीजल की कीमतें
IOCL के अनुसार, आज 2 जून को दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये/लीटर के भाव मिल रहा है. कोलकाता में इसकी कीमत 113.51 रुपये/लीटर, नोएडा में पेट्रोल 102.14 रुपये/लीटर और मुंबई की बात करें तो यहां पेट्रोल करीब 111.21 रुपये/लीटर मिल रहा है, जबकि चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल के लिए 107.77 रुपये देने पड़ रहे हैं.
दूसरी तरफ डीजल के रेट को देखें तो दिल्ली में इसकी कीमत 95.20 रुपये/लीटर, नोएडा में डीजल का भाव 95.56 रुपये/लीटर, मुंबई में डीजल 97.83 रुपये/लीटर, कोलकाता में ये 99.02 रुपये और चेन्नई में 99.55 रुपये प्रति लीटर है.
देश के बड़े शहरों में पेट्रोल के भाव (रुपये/लीटर)
- दिल्ली- 102.12
- नोएडा- 102.14
- मुंबई- 111.18
- कोलकाता- 113.47
- चेन्नई- 107.77
- बेंगलुरु- 110.93
- पटना - 113.35
- भोपाल- 114.54
- देहरादून- 100.54
- चंडीगढ़- 101.51
देश के बड़े शहरों में डीजल के भाव (रुपये/लीटर)
- दिल्ली- 95.20
- नोएडा- 95.56
- मुंबई - 97.83
- कोलकाता- 99.82
- चेन्नई- 99.55
- बेंगलुरु- 98.80
- पटना - 99.36
- भोपाल- 99.64
- देहरादून- 96.00
- चंडीगढ़- 89.47
बीते दिन पेट्रोल-डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में हुई कटौती
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने एक्सपोर्ट ड्यूटी में बड़ी कटौती की थी. बीते दिन यानी 1 जून से तेल कंपनियों को पेट्रोल एक्सपोर्ट करने पर 1.50 रुपये/लीटर, जबकि डीजल एक्सपोर्ट करने पर 13.50 रुपये एक्सपोर्ट ड्यूटी के तौर पर देना होगा. पहले प्रति लीटर पेट्रोल पर 3 रुपये और डीजल पर 16.50 रुपये देना होता था. अब तेल कंपनियों को देश में तैयार किए गए तेल को बाहर देशों में बेचने पर कम टैक्स देना होगा.
लंबे समय तक बनी रहेंगी महंगी कीमतें
कीमतें कब तक महंगी बनी रहेंगी इस सवाल पर अर्थशास्त्री डॉ. रतिन रॉय ने एनडीटीवी को बताया कि देश को लंबे समय के लिए बढ़ी हुई कीमतों के लिए तैयार रहना चाहिए. मान लीजिए अगले 15 दिनों में मिडिल ईस्ट में टेंशन खत्म हो भी जाती है तब भी ग्लोबल सप्लाई चेन, इंफ्रा को दुबारा काम के लिए बनाने में कम से कम 7 से 8 महीने का समय लग ही जाएगा.
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