- NSE ने अपना IPO लॉन्च करने के लिए DRHP सेबी के पास जमा कर दिया है, जो ऑफर फॉर सेल (OFS) आधारित होगा.
- इस IPO में NSE कोई नए शेयर जारी नहीं करेगा, बल्कि मौजूदा निवेशक कुल 14.89 करोड़ शेयर बेचेंगे.
- NSE के शेयर BSE पर लिस्टेड होंगे, जिससे निवेशकों के पास दोनों एक्सचेंजों में निवेश का विकल्प होगा.
NSE IPO: भारत के शेयर बाजार से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) आखिरकार अपने IPO लाने को लेकर बड़ा कदम बढ़ा चुका है. NSE ने बुधवार को अपने IPO के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) सेबी के पास जमा कर दिया है. खास बात यह है कि NSE पिछले करीब 10 साल से शेयर बाजार में लिस्ट होने की कोशिश कर रहा है. अब निवेशकों को जल्द ही भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज में सीधे निवेश करने का मौका मिल सकता है.
पूरी तरह OFS होगा IPO, कंपनी नहीं जारी करेगी नए शेयर
NSE का IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) आधारित होगा.इसका मतलब है कि कंपनी कोई नए शेयर जारी नहीं करेगी. IPO के जरिए बेचे जाने वाले सभी शेयर मौजूदा निवेशकों के होंगे और शेयर बिक्री से मिलने वाली पूरी रकम इन्हीं निवेशकों को जाएगी. NSE को इस IPO से कोई फंड नहीं मिलेगा.IPO में कुल 14.89 करोड़ शेयरों की बिक्री की जाएगी.
कौन-कौन से निवेशक बेचेंगे शेयर? सबसे ज्यादा हिस्सेदारी कौन बेच रहा?
इस IPO में भारतीय स्टेट बैंक सबसे बड़ा विक्रेता होगा. बैंक करीब 2.475 करोड़ शेयर बेचने की योजना बना रहा है.इसके अलावा कई बड़े संस्थागत निवेशक भी अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे.
LIC ने लिया बड़ा फैसला
NSE की सबसे बड़ी शेयरधारक भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) इस IPO में अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेगी.पहले भी रिपोर्ट्स में कहा गया था कि LIC ऑफर फॉर सेल में हिस्सा नहीं लेगी और अब DRHP में भी यह साफ हो गया है.
BSE पर लिस्ट होंगे NSE के शेयर
IPO के बाद NSE के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट होंगे.लिस्टिंग के बाद निवेशकों के पास देश के दो सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंजों में निवेश का विकल्प होगा. फिलहाल BSE पहले से शेयर बाजार में लिस्टेड है.
दुनिया के बड़े एक्सचेंजों में शामिल NSE
NSE ने DRHP में बताया कि ग्लोबल कैश इक्विटी ट्रेडिंग में ट्रांजैक्शन की संख्या के आधार पर उसकी हिस्सेदारी 11.38% है.यानी भारत का यह एक्सचेंज दुनिया के बड़े शेयर बाजार प्लेटफॉर्म्स में अपनी मजबूत मौजूदगी रखता है.
लिस्टिंग के बाद भारत की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल हो सकता है NSE
मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, NSE की वैल्यूएशन अनलिस्टेड मार्केट में 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी जा रही है.IPO का आकार करीब 30,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है.अगर यही वैल्यूएशन लिस्टिंग के समय बनी रहती है तो NSE भारत की 10 सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनियों में शामिल हो सकता है.
इंफोसिस समेत कई बड़ी कंपनियों को पीछे छोड़ सकता है NSE
करीब 5 लाख करोड़ रुपये की वैल्यूएशन के साथ NSE, इंफोसिस से भी आगे निकल सकता है, जिसकी मार्केट वैल्यू करीब 4.7 लाख करोड़ रुपये है.5 लाख करोड़ रुपये के आसपास की वैल्यूएशन वाली कंपनियों में बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और हिंदुस्तान यूनिलीवर शामिल हैं.वहीं टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का मार्केट कैप लगभग 8 लाख करोड़ रुपये है.
17 जून तक रिलायंस इंडस्ट्रीज करीब 18 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई थी.इसके बाद एचडीएफसी बैंक की मार्केट वैल्यू लगभग 12.11 लाख करोड़ रुपये थी.भारती एयरटेल करीब 11.43 लाख करोड़ रुपये और आईसीआईसीआई बैंक लगभग 9.6 लाख करोड़ रुपये की मार्केट वैल्यू के साथ शीर्ष कंपनियों में शामिल हैं.
ग्लोबल इन्वेस्टर की रहेगी खास नजर
मार्केट एक्सपर्ट का मानना है कि NSE का IPO भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है.
बता दें कि NSE लंबे समय से भारत की सबसे मूल्यवान अनलिस्टेड कंपनियों में शामिल रहा है.इसके शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद निवेशकों को देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज के विकास और कमाई में सीधे भागीदारी का मौका मिलेगा. यही वजह है कि इस IPO को भारतीय शेयर बाजार के सबसे पॉपुलर और मोस्ट अवेडेट IPO में से एक माना जा रहा है.
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