छोटे शहरों पर बड़ा फोकस, निर्मला ने भाषण में चार बार किया टियर‑2 और टियर‑3 सिटीज़ का ज़िक्र

बजट 2026 से साफ है कि भारत की भविष्य की ग्रोथ अब बड़े महानगरों तक सीमित रहने वाली नहीं है. टियर‑2 और टियर‑3 शहर नए विकास केंद्र बनकर उभरेंगे. सरकार का मानना है कि इन शहरों में तेजी से बढ़ती आबादी, स्थानीय संसाधन और उभरता उद्योग आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगे.

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बजट पेश करने से पहले संसद भवन परिसर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
PTI
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  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में टियर‑2 और टियर‑3 शहरों के विकास को प्राथमिकता दी है.
  • सरकार ने छोटे शहरों के सुनियोजित और टिकाऊ विकास के लिए पांच हजार करोड़ रुपये का विशेष कोष घोषित किया है.
  • इस कोष का उपयोग सड़क, ट्रांसपोर्ट, बिजली, पानी और शहरी सुविधाओं के सुधार में किया जाएगा.
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नई दिल्ली:

केंद्रीय बजट 2026 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार छोटे शहरों के विकास को केंद्र में रखा. अपने लगभग 90 मिनट लंबे भाषण में उन्होंने चार बार टियर‑2 और टियर‑3 शहरों का जिक्र किया, जो साफ संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में सरकार का फोकस सिर्फ महानगरों पर नहीं, बल्कि उभरते शहरी क्षेत्रों पर भी होगा.

बजट 2026 से साफ है कि भारत की भविष्य की ग्रोथ अब बड़े महानगरों तक सीमित रहने वाली नहीं है. टियर‑2 और टियर‑3 शहर नए विकास केंद्र बनकर उभरेंगे. सरकार का मानना है कि इन शहरों में तेजी से बढ़ती आबादी, स्थानीय संसाधन और उभरता उद्योग आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगे.

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छोटे शहरों को सशक्त बनाने के लिए 5,000 करोड़ रुपये होंगे खर्च

बजट 2026 में सरकार ने टियर‑2 और टियर‑3 शहरों के लिए 5,000 करोड़ रुपये का विशेष कोष घोषित किया है. यह राशि इन शहरों के सुनियोजित और टिकाऊ विकास पर खर्च की जाएगी.

इन योजनाओं में शामिल हैं-

  • सड़क और ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी में सुधार
  • बिजली और पानी जैसी बुनियादी जरूरतों को मजबूत करना
  • शहरी सुविधाओं का विस्तार
  • उद्योग और सेवा क्षेत्र से जुड़े रोजगार के अवसर बढ़ाना

सरकार का मानना है कि जब छोटे शहर मजबूत होंगे, तो लोगों का महानगरों की ओर पलायन कम होगा. इससे देश में शहरीकरण का संतुलन बनेगा और आर्थिक वृद्धि अधिक स्थिर रहेगी.

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उभरते शहर होंगे नवाचार और उद्योग के नए केंद्र

बजट से साफ है कि टियर‑2 और टियर‑3 शहर भविष्य में नवाचार, स्टार्टअप इकोसिस्टम और नए उद्योगों के महत्वपूर्ण हब बनकर सामने आएंगे. इन क्षेत्रों में करने वाले निवेश से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और नए रोजगार पैदा होंगे।

सरकार को उम्मीद है कि छोटे शहरों में होने वाला यह विकास आने वाले वर्षों में देश की आर्थिक संरचना को बदल देगा और भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति दिलाएगा.

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