भारत और EU के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत निर्णायक दौर में, जल्दी फैसले की उम्मीद: वाणिज्य मंत्रालय

वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि पीयूष गोयल की यह यात्रा भारत और EU के बीच बढ़ते राजनयिक और तकनीकी संबंधों को दर्शाती है, जो भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में एक निर्णायक कदम है.

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  • वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल 8-9 जनवरी को ब्रुसेल्स में भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते पर निर्णायक बातचीत करेंगे.
  • भारत और यूरोपीय संघ के बीच नौ साल बाद जून 2022 में मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता फिर से शुरू हुई थी.
  • भारत श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे कपड़ा, चमड़ा, रत्न और हस्तशिल्प के लिए जीरो ड्यूटी की मांग कर रहा है
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नई दिल्‍ली:

अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच व्‍यापार के मोर्चे से एक अच्छी खबर है. वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल गुरुवार को भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) पर निर्णायक दौर की बातचीत के लिए 8-9 जनवरी 2026 तक दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर ब्रुसेल्स पहुंच रहे हैं.

वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, "यह यात्रा नई दिल्ली और ब्रुसेल्स के बीच बढ़ते राजनयिक और तकनीकी संबंधों को दर्शाती है, जो भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में एक निर्णायक कदम है. यह वार्ता भारत और यूरोपीय संघ के आर्थिक संबंधों के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ पर हो रही है".

9 साल बाद फिर से शुरू हुई यूरोपीय संघ से बात

भारत और यूरोपीय संघ के बीच नौ साल के अंतराल के बाद जून 2022 में प्रस्तावित FTA पर बातचीत नए सिरे से शुरू हुई थी. अब तक दोनों पक्षों के बीच 14 दौर की बातचीत और कई मंत्री-स्तर पर बातचीत के दौर हो चुके हैं.

भारत और यूरोपीय संघ के वार्ताकारों की बातचीत लाभकारी, संतुलित और न्याय संगत FTA पर केंद्रित है, जिससे आने वाले वर्षों में दोनों के बीच व्यापार में तेजी आए.

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इससे पहले केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले साल अक्टूबर में ब्रुसेल्स में यूरोपीय व्यापार एवं आर्थिक सुरक्षा आयुक्त मारोस शेफोविच के साथ भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से संबंधित लंबित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की थी. वार्ता के दौरान, वाणिज्य मंत्री ने भारत की प्रमुख मांगों, विशेष रूप से श्रम-प्रधान क्षेत्रों से संबंधित मांगों के लिए ट्रीटमेंट पर जोर दिया था.

इन क्षेत्रों के लिए जीरो ड्यूटी की मांग कर रहा भारत 

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के ब्रुसेल्‍स दौरे के एजेंडे पर वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा, "अपनी यात्रा के दौरान पीयूष गोयल यूरोपीय संघ के व्यापार और आर्थिक सुरक्षा आयुक्त मारोस सेफकोविच के साथ उच्च स्तरीय वार्ता करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुसार, भारत की रणनीति का मुख्य स्तंभ एक ऐसा समझौता हासिल करना है, जिसका सीधा लाभ आम आदमी को मिले. भारत अपने श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे कि कपड़ा, चमड़ा, परिधान, रत्न और आभूषण, तथा हस्तशिल्प के लिए 'जीरो-ड्यूटी' (शून्य शुल्क) पहुंच की मांग कर रहा है. आगामी वार्ता से नियम-आधारित व्यापार ढांचे और एक आधुनिक आर्थिक साझेदारी के प्रति दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता फिर से पुख्ता होने की उम्मीद है, जो किसानों और एमएसएमई के हितों की रक्षा करते हुए भारतीय उद्योगों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (ग्लोबल सप्लाई चेन) से जोड़ेगा".

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यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार और एक प्रमुख निवेशक है. वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार काफी बढ़ा है.

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