युद्ध मिडिल ईस्ट में, भारत में फूट रहा पोल्ट्री उद्योग का अंडा

भारत से रोजाना लगभग 1 करोड़ अंडे खाड़ी देशों में भेजे जाते हैं. युद्ध की वजह से समुद्री मार्गों में असुरक्षा और परिवहन की समस्याओं की वजह से संयुक्त अरब अमीरात,  ओमान और बहरीन जैसे देशों को होने वाली सप्लाई प्रभावित हुई है.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins

ईरान- इजरायल के बीच जंग के कारण भारत से खाड़ी देशों को होने वाला अंडों का निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे घरेलू बाजार में अंडों की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है. भारत से रोजाना लगभग एक करोड़ अंडों का निर्यात होता था, लेकिन युद्ध के कारण समुद्री रास्तों में आई बाधाओं और सुरक्षा चिंताओं की वजह से यह सप्लाई रुक गई है.

आधे रह गए अंडों के दाम

कई इलाकों में अंडों के दाम लगभग आधे रह गए हैं. मुंबई जैसे प्रमुख शहरों में थोक भाव 8.25 रुपये प्रति अंडे से गिरकर अब काफी नीचे आ गए हैं. थोक खरीदार अब 100 अंडे लगभग 500 रुपये में खरीद पा रहे हैं.  खुदरा बाजार की बात करें तो जो अंडा पहले 8 से 9 रुपये में मिलता था, वह अब 5.80 से 6 रुपये के बीच बिक रहा है.

अंडों की कीमतों में आई 30% से अधिक की गिरावट ने उत्पादकों के मुनाफे के गणित को बिगाड़ दिया है. मुर्गियों के दाने (Feed) की बढ़ती लागत और अंडों के गिरते दाम के बीच पोल्ट्री व्यवसायी घाटे में जा रहे हैं. जानकारों का कहना है कि अगर युद्ध लंबा खिंचा और निर्यात जल्द बहाल नहीं हुआ, तो कई छोटे पोल्ट्री फार्म बंद होने की कगार पर आ सकते हैं.

भारत से रोजाना लगभग 1 करोड़ अंडे खाड़ी देशों में भेजे जाते हैं. युद्ध की वजह से समुद्री मार्गों में असुरक्षा और परिवहन की समस्याओं की वजह से संयुक्त अरब अमीरात,  ओमान और बहरीन जैसे देशों को होने वाली सप्लाई प्रभावित हुई है. अंडों की कीमतों में आई गिरावट ने पोल्ट्री व्यवसायियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. ग्राहकों के लिए तो यह राहत की खबर है, लेकिन उत्पादकों के लिए मुनाफे का गणित पूरी तरह बिगड़ गया है.

यह भी पढ़ें- तेल ने बदली सऊदी-ईरान की किस्मत तो थोरियम बदलेगा भारत की, अनदेखी पर परमाणु वैज्ञानिक ने चेताया

Advertisement
Featured Video Of The Day
Himanta Biswa Sarma Exclusive: ख़ुद को ‘मामा’ बुलाने पर क्या बोले सीएम हिमंता? Assam Elections