ईरान- इजरायल के बीच जंग के कारण भारत से खाड़ी देशों को होने वाला अंडों का निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे घरेलू बाजार में अंडों की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है. भारत से रोजाना लगभग एक करोड़ अंडों का निर्यात होता था, लेकिन युद्ध के कारण समुद्री रास्तों में आई बाधाओं और सुरक्षा चिंताओं की वजह से यह सप्लाई रुक गई है.
आधे रह गए अंडों के दाम
कई इलाकों में अंडों के दाम लगभग आधे रह गए हैं. मुंबई जैसे प्रमुख शहरों में थोक भाव 8.25 रुपये प्रति अंडे से गिरकर अब काफी नीचे आ गए हैं. थोक खरीदार अब 100 अंडे लगभग 500 रुपये में खरीद पा रहे हैं. खुदरा बाजार की बात करें तो जो अंडा पहले 8 से 9 रुपये में मिलता था, वह अब 5.80 से 6 रुपये के बीच बिक रहा है.
भारत से रोजाना लगभग 1 करोड़ अंडे खाड़ी देशों में भेजे जाते हैं. युद्ध की वजह से समुद्री मार्गों में असुरक्षा और परिवहन की समस्याओं की वजह से संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और बहरीन जैसे देशों को होने वाली सप्लाई प्रभावित हुई है. अंडों की कीमतों में आई गिरावट ने पोल्ट्री व्यवसायियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. ग्राहकों के लिए तो यह राहत की खबर है, लेकिन उत्पादकों के लिए मुनाफे का गणित पूरी तरह बिगड़ गया है.














