भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 8 प्रतिशत बढ़कर 17 लाख करोड़ रुपए के पार

शुद्ध प्रत्यक्ष कर में कॉरपोरेट टैक्स की हिस्सेदारी 8.17 लाख करोड़ रुपए रही है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 7.39 लाख करोड़ रुपए था.

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नई दिल्ली:

भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह चालू वित्त वर्ष में अब तक (17 दिसंबर) 8 प्रतिशत बढ़कर 17.04 लाख करोड़ रुपए हो गया है. यह जानकारी सरकार की ओर से शुक्रवार को दी गई. आयकर विभाग की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि सरकार का कुल सकल कर संग्रह इस साल एक अप्रैल से लेकर 17 दिसंबर तक 20.01 लाख करोड़ रुपए रहा है. इसमें सालाना आधार पर 4 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है.

चालू वित्त वर्ष में अब तक 2.97 लाख करोड़ रुपए का रिफंड जारी किया गया है. इसमें सालाना आधार पर 13.52 प्रतिशत की गिरावट आई है. शुद्ध प्रत्यक्ष कर में कॉरपोरेट टैक्स की हिस्सेदारी 8.17 लाख करोड़ रुपए रही है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 7.39 लाख करोड़ रुपए था. इसमें नॉन-कॉरपोरेट टैक्स की हिस्सेदारी 8.46 लाख करोड़ रुपए थी, जो कि एक साल पहले समान अवधि में 7.96 लाख करोड़ रुपए थी.

नॉन-कॉरपोरेट टैक्स में व्यक्तिगत कर और हिंदू अविभाजित परिवारों से वसूले जाने वाले कर को शामिल किया जाता है. समीक्षा अवधि में सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) संग्रह 40,194.77 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पिछले साल की समान अवधि में 40,114.02 करोड़ रुपए था. चालू वित्त वर्ष में सरकार ने 25.20 लाख करोड़ रुपए के प्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य रखा है, जो कि सालाना आधार पर 12.7 प्रतिशत अधिक है. इसके साथ वित्त वर्ष 26 में सरकार को 78,000 करोड़ रुपए का एसटीटी संग्रह होने का अनुमान है.

कर संग्रह में ऐसे समय पर इजाफा देखने को मिला है, जब आम बजट 2025 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई कर प्रणाली के तहत कर छूट की सीमा को बढ़ाकर 12 लाख रुपए कर दिया था. इससे बड़ी संख्या आयकर दाताओं का राहत मिली है.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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