केंद्र सरकार ने विदेश में संपत्ति रखने वालों को इसकी घोषणा करने का बड़ा मौका बजट में दिया है. बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने छह महीने की विदेशी संपत्ति खुलासा योजना घोषित की है. छोटे टैक्सपेयर्स को इसके तहत विदेश में रखा अपना काला धन घोषित करने का मौका दिया जाएगा. उन्हें जेल की सजा नहीं होगी, सिर्फ 30 फीसदी जुर्माना भरना पड़ेगा. छात्रों, आईटी पेशेवरों, एक से दूसरी जगह बसे एनआरआई को ये अवसर दिया गया है. हालांकि जिनका हजारों करोड़ रुपये बकाया है, उन्हें छूट नहीं मिलेगी.विदेश में संपत्ति छिपाकर रखने वाला व्यक्ति संबंधित एजेंसी के समक्ष आवेदन कर सकता है. उसे जुर्माने की राशि पर कोई ब्याज भी नहीं देना होगा.
बजट में घोषणा
आम बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फॉरेन एसेट्स ऑफ स्मॉल टैक्सपेयर्स डिस्क्लोजर स्कीम, 2026 (FAST-DS 2026) नाम से एक एकमुश्त समाधान योजना के तहत ये छूट दी है. अगर विदेश में रहते समय जाने अनजाने में विदेशी बैंक अकाउंट, ESOP या छोटी-मोटी संपत्ति की जानकारी देने में चूक हुई है तो इस स्कीम का लाभ उठाया जा सकता है.
Foreign Assets of Small Taxpayers Disclosure Scheme, 2026 (FAST-DS 2026)
6 महीने की मोहलत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट में घोषित विदेशी संपत्ति के खुलासे संबंधी ये स्कीम (Foreign Assets of Small Taxpayers – Disclosure Scheme, 2026 FAST-DS 2026) एक बार में 6 महीने की अवधि के लिए खुली रहेगी. इसकी तारीख जल्द घोषित की जाएगी. यह टैक्सपेयर्स को उनके जानकारी न देने के तरीके के आधार पर कैटेगरी में बांटती है.
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क्या है विदेशी संपत्ति खुलासा योजना
इस स्कीम में आने वाले लोगों को दो कैटेगरी में बांटा गया है. एक वो जिन्होंने संपत्ति की कभी घोषणा इनकम टैक्स रिटर्न में नहीं की. दूसरी कैटेगरी में वो लोग आएंगे, जिन्होंने आय पर टैक्स चुकाया, लेकिन शेड्यूल एफए में कुछ संपत्तियां नहीं बताईं. पहली कैटेगरी में संपत्ति की सीमा 1 करोड़ रुपये तक होगी. वहीं दूसरी सीमा 5 करोड़ रुपये तक होगी. पहली कैटेगरी में आने वालों को 60 फीसदी भुगतान (30 फीसदी टैक्स, 30 फीसदी जुर्माना) करना होगा. वहीं दूसरी कैटेगरी में एकमुश्त 1 करोड़ जुर्माना चुकाना होगा. दोनों ही कैटेगरी में जेल की सजा या मुकदमे से पूरी छूट मिलेगी.
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काले धन की स्कीम की खास बातें---
- बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस स्कीम का ऐलान किया
- 6 महीने के लिए विदेशी संपत्ति घोषणा की ये स्कीम लाएगी सरकार
- स्कीम में जेल की सजा से छूट मिलेगी, तारीख जल्द घोषित होगी
विदेश से लौटे व्यक्तियों के लिए योजना
इस योजना का मकसद इन लोगों के लिए है, विदेशी बैंक खातों के साथ भारत लौटते हैं या वो टेक कर्मचारी ग्लोबल फर्मों से RSU/ESOP रखते हैं. उन्हें यह नहीं पता होता कि भारतीय टैक्स रेसिडेंट बनने के बाद उन्हें इसका खुलासा करना होगा. इस स्कीम के तहत सही खुलासे से टैक्सपेयर को सख्त ब्लैक मनी (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) कानून 2015 से सुरक्षा मिलेगी. अन्यथा भारी जुर्माना (खुलासा न करने पर प्रति वर्ष 10 लाख जुर्माना) और जेल हो सकती है.
बार-बार नहीं मिलेगा मौका
इस स्कीम से अलग बजट में यह भी घोषणा की गई कि 20 लाख रुपये से कम कुल मूल्य वाली गैर अचल विदेशी संपत्तियों (जैसे बैंक बैलेंस या शेयर) का खुलासा न करने पर अब 1 अक्टूबर, 2024 से पिछली तारीख से मुकदमा चलाने से छूट मिलेगी. यह बार-बार मिलने वाला मौका नहीं है. अगर आप यह 6 महीने की अवधि चूक जाते हैं, तो टैक्स विभाग द्वारा भविष्य में किसी भी खोज पर सामान्य प्रवर्तन और भारी जुर्माना लागू होगा.
क्यों पड़ी स्कीम की जरूरत
विदेश में भूले हुए बैंक खाते में 1000 डॉलर रखने वाले छात्रों पर भी तकनीकी रूप से ब्लैक मनी एक्ट के तहत मुकदमा चलाया जा सकता था. लेकिन नई स्कीम ये मानती है कि ऐसी कई गलतियां धन छिपाने के इरादे के बजाय टैक्स की जानकारी की कमी के कारण होती हैं.














