8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन के साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदें तेज हो गई हैं. हाल ही में, केंद्रीय सरकारी कर्मचारी यूनियनों ने वेतन आयोग के सामने 9 बड़ी मांगें रखी हैं. संगठन ने आयोग के सवाल-जवाब की सीरीज (Questionnaire) में बदलाव करने और इसे और ज्यादा आसान बनाने के लिए कहा है. NC-JCM के सचिव शिव गोपाल मिश्र ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के मेंबर सचिव पंकज जैन को पत्र लिखकर इन मांगों के बारे में बताया. आइए जानते हैं क्या हैं वो 9 बड़ी मांगें जो कर्मचारियों के भविष्य पर असर डाल सकती हैं.
पुरानी पेंशन योजना की बहाली
कर्मचारियों की 8वें वेतन आयोग से सबसे बड़ी मांग एनपीएस (National Pension System) और यूपीएस (Unified Pension Scheme) को रिव्यू कर पुरानी पेंशन योजना को वापस लाने की है. कर्मचारियों ने कहा है कि अंशदान वाली ओपीएस ही उनके भविष्य के लिए बेहतर है.
पेंशनभोगियों के मुद्दों को शामिल करना
NC-JCM ने मांग की है कि सवाल-जवाब सीरीज में पेंशनभोगियों के अधिकारों और उनकी पेंशन में बदलाव और एक जैसे नियम के लिए अलग से प्रावधान होना चाहिए.
महिला कर्मचारियों की सेफ्टी की मांग
लेटर में महिलाओं के लिए सुरक्षा, मातृत्व लाभ, मासिक धर्म अवकाश (Menstrual Leave) जैसे मुद्दों को उठाने के लिए एक स्पेशल डिविजन की मांग की गई है.
8th pay commission update
विभाग की समस्याएं
भारत सरकार के अलग-अलग विभागों की अपनी समस्याएं होती हैं. संगठन चाहता है कि हर विभाग को अपनी समस्याओं और कैडर से जुड़े मुद्दों को रखने का मौका जरूर मिले.
समय सीमा बढ़ाने की बात
अलग-अलग संघों और संगठनों से परामर्श करने के लिए NC-JCM ने विभाग-विशिष्ट ज्ञापन सौंपने की आखिरी तारीख को 31 मई, 2026 तक बढ़ाने की मांग की है.
तकनीकी सुधार
मौजूदा समय में जवाब देने की शब्द सीमा सिर्फ 500 शब्द है, जिसे बढ़ाकर कम से कम 1000 शब्द करने की डिमांड रखी गई है. इसके अलावा डॉक्यूमेंट अटैच करने की साइज़ लिमिट को 2MB से बढ़ाकर 10MB करने के लिए कहा गया है, जिससे पूरी डिटेल्स भेजी जा सके.














