90 के दशक की फिल्में सिर्फ अपनी कहानियों और गानों की वजह से याद नहीं की जातीं, बल्कि उनसे जुड़े पर्दे के पीछे के किस्से भी लोगों को खूब दिलचस्प लगते हैं. ऐसी ही एक फिल्म थी ‘आवारगी', जिसे महेश भट्ट ने डायरेक्ट किया था. इस फिल्म में गोविंदा, अनिल कपूर और मीनाक्षी शेषाद्रि नजर आए थे. लेकिन फिल्म की शूटिंग के दौरान एक ऐसी खबर उड़ी जिसने पूरे बॉलीवुड में हलचल मचा दी थी. कहा गया कि धर्मेंद्र ने गोविंदा को थप्पड़ मार दिया था.किसी ने कहा सेट पर झगड़ा हुआ, तो किसी ने दावा किया कि सबके सामने गोविंदा की बेइज्जती हुई. लेकिन आखिर उस दिन सच में क्या हुआ था, क्या वाकई थप्पड़ पड़ा था या फिर ये सिर्फ अफवाह थी, यही सवाल आज भी लोगों के मन में बना हुआ है.
ये भी पढ़ें: 90s में आई आमिर खान की वो फिल्म, जिसे थिएटर से हटाते ही भड़क गए थे लोग, सड़कों पर शुरू हो गया था हंगामा
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ‘आवारगी' की कास्टिंग को लेकर कुछ बदलाव हुए थे. शुरुआत में फिल्म में गोविंदा और मीनाक्षी शेषाद्रि को अहम रोल दिए गए थे, लेकिन बाद में अनिल कपूर की एंट्री हुई. कहा जाता है कि इसी बात को लेकर माहौल थोड़ा तनावपूर्ण हो गया था. कहा गया कि गोविंदा अनिल कपूर के साथ काम करने को लेकर सहज नहीं थे और इसी सिलसिले में वो धर्मेंद्र से मिलने भी पहुंचे थे.

क्या सच में धर्मेंद्र ने गोविंदा को थप्पड़ मारा था
उसी दौरान इंडस्ट्री में ये अफवाह फैल गई कि धर्मेंद्र और गोविंदा के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि मामला थप्पड़ तक पहुंच गया. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सेट पर सबके सामने गोविंदा को थप्पड़ मारा गया था. हालांकि बाद में धर्मेंद्र ने इन खबरों को गलत बताया. उन्होंने साफ कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी और बातों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया.
फिल्म की कहानी और स्टारकास्ट ने जीता दिल
‘आवारगी' की कहानी आजाद नाम के किरदार के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे अनिल कपूर ने निभाया था. फिल्म में वो सीमा नाम की लड़की को नई जिंदगी देने की कोशिश करता है. वहीं गोविंदा का किरदार भी कहानी में अहम मोड़ लाता है. फिल्म में प्यार, त्याग और इमोशंस का मजबूत मेल देखने को मिला था. इसके अलावा अनुपम खेर, परेश रावल और सतीश कौशिक जैसे कलाकारों ने भी फिल्म को दमदार बनाया.
आज भी याद किए जाते हैं फिल्म के गाने
फिल्म का संगीत अनु मलिक ने तैयार किया था और इसके गाने लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हुए थे. खासतौर पर ‘चमकते चांद को' आज भी पुराने म्यूजिक लवर्स की पसंद बना हुआ है. यही वजह है कि पर्दे के पीछे के विवादों के बावजूद ‘आवारगी' को उसकी कहानी और संगीत के लिए याद किया जाता है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं