भारतीय संगीत जगत के लिए एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. अपनी मधुर आवाज से करोड़ों लोगों के दिलों में खास जगह बनाने वालीं दिग्गज गायिका एस. जानकी का 88 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने मैसूरु के अपोलो अस्पताल में अंतिम सांस ली. उनके निधन की पुष्टि उनकी पोती अप्सरा ने एक भावुक संदेश साझा कर की. एस. जानकी का जाना भारतीय संगीत के एक स्वर्णिम अध्याय के अंत जैसा माना जा रहा है. छह दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने हजारों गीतों को अपनी आवाज देकर संगीत प्रेमियों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी. उनके निधन से फिल्म और संगीत जगत में शोक की लहर है.
6 दशक का शानदार संगीत सफर
एस. जानकी भारतीय सिनेमा की सबसे सम्मानित गायिकाओं में गिनी जाती थीं. अपने करीब छह दशक लंबे करियर में उन्होंने लगभग 48,000 गाने रिकॉर्ड किए. उनकी आवाज केवल दक्षिण भारतीय भाषाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ समेत 17 से अधिक भाषाओं में गीत गाए. अपनी बहुमुखी गायकी और भावपूर्ण प्रस्तुति के कारण उन्हें प्यार से ‘गाना कोकिला' कहा जाता था. उनके गाए अनगिनत गीत आज भी संगीत प्रेमियों की पसंद बने हुए हैं.
संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति
एस. जानकी ने अपने लंबे करियर में कई पीढ़ियों के संगीतकारों और कलाकारों के साथ काम किया. उनकी आवाज ने न केवल फिल्मों को यादगार बनाया, बल्कि भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. उनके निधन की खबर सामने आते ही प्रशंसकों और फिल्मी हस्तियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी. अपने सुरों के जरिए करोड़ों लोगों के दिलों में बसने वाली एस. जानकी भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके अमर गीत आने वाली पीढ़ियों तक उन्हें हमेशा जीवित रखेंगे.
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