टीवी का वह शो जिसने पूरे देश को एक डोर में बांध दिया, वो था 80 के दशक का यादगार शो रामायण. रामानंद सागर का ये शो आज भी टीवी का सबसे पॉपुलर शो माना जाता है. रामायण के प्रसारण के वक्त जैसे पूरा देश बस सारा कामकाज छोड़ टीवी के सामने बैठ जाता. लोग हाथ जोड़े इस शो को देखते और इसकी कहानी में डूब जाते. शो का हर किरदार यादगार था और दर्शकों का फेवरेट था. आज हम इस शो के जिस कलाकार की बात कर रहे हैं, वो भले ही शो में कुछ समय के लिए नजर आया, लेकिन अपने अभिनय से अमिट छाप छोड़ी. क्रिएटिविटी के माहिर इस कलाकार में काबिलियत तो खूब थी लेकिन रामायण के बाद इन्हें वो सफलता नहीं मिली, जिसके ये लायक थे.
कौन है वो कलाकार?
हम बात कर रहे हैं रामायण के केवट कौस्तुभ त्रिवेदी की. कौस्तुब ने रामानंद सागर के रामायण से खूब तारीफ बटोरी लेकिन इसके बाद इन्हें हिंदी सीरियल्स या फिल्मों में ज्यादा मौके नहीं मिले. वो जिस स्टारडम की चाहत रखते थे, उसके लिए इन्हें तरसना पड़ा. काबिल होने के बाद भी उन्हें ठोकरे खानी पड़ी.
थियेटर में कमाया नाम

कौस्तुभ भले टीवी पर ज्यादा नहीं दिखे लेकिन उन्होंने थियेटर में खूब नाम कमाया. वह गुजराती थियेटर का जाना-माना नाम थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने थिएटर में एक निर्माता के तौर पर 200 से भी अधिक नाटकों का निर्माण किया है और कुछ नाटकों में अभिनय भी किया. इसके साथ ही वह मशहूर गुजराती फिल्म ‘वीर मांगडावाला' में अपने अभिनय के लिए भी जाने जाते थे. कौस्तुभ 25 सालों तक गुजराती थियेटर की दुनिया में एक्टिव रहे. कौस्तुभ त्रिवेदी ने बॉलीवुड अभिनेता जॉनी लीवर की बेटी जेमी लीवर के कई शोज भी प्रोड्यूस किए हैं.
2025 में हुआ निधन
बीते साल बढ़ती उम्र से जुड़ी परेशानियों की वजह से कौस्तुभ का निधन हो गया. उनके निधन पर गुजराती थियेटर और सिनेमा से जुड़े लोगों ने शोक जताया था. मई, 2025 में उनके निधन के बाद कई थियेटर कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. उनके काम को जब भी याद किया जाता है तो रामायण के केवट का जिक्र जरूर होता है.
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