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अंधेरी पुलिया पर दिखा खौफनाक साया! राजपाल यादव ने सुनाया बचपन का ऐसा भूतिया किस्सा, सुनकर कांप उठेंगे आप

अक्षय कुमार और एकता कपूर के निर्माण में बनी हॉरर-कॉमेडी फिल्म 'भूत बंगला' 16 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. फिल्म के प्रमोशन के दौरान जब दिग्गज अभिनेता राजपाल यादव ने एक रोंगटे खड़े कर देने वाला किस्सा बताया.

अंधेरी पुलिया पर दिखा खौफनाक साया! राजपाल यादव ने सुनाया बचपन का ऐसा भूतिया किस्सा, सुनकर कांप उठेंगे आप
भूत बंगला में नजर आए हैं राजपाल यादव

अक्षय कुमार और एकता कपूर के निर्माण में बनी हॉरर-कॉमेडी फिल्म 'भूत बंगला' 16 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. फिल्म के प्रमोशन के दौरान जब दिग्गज अभिनेता राजपाल यादव से पूछा गया कि क्या उन्हें असल जिंदगी में भूतों पर विश्वास है, तो उन्होंने अपने बचपन का एक ऐसा अनसुना किस्सा साझा किया जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं. राजपाल यादव ने बताया कि यह वाकया उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर का है, जहाँ वे अपनी पढ़ाई के सिलसिले में रहा करते थे.

जालानगर की वो अंधेरी पुलिया और रहस्यमयी आकृति

राजपाल ने उस खौफनाक रात को याद करते हुए बताया, "मैं शाहजहाँपुर के जालानगर मोहल्ले में रहता था. वहां एक पुरानी पुलिया पड़ती थी, जहाँ बिजली जाते ही ऐसा गहरा अंधेरा छा जाता था कि हाथ को हाथ नहीं सूझता था. एक रात मैं अपने दोस्त बृजेश कुमार श्रीवास्तव के साथ बातें करते हुए वहां से गुजर रहा था. तभी अचानक हमारे सामने एक अजीब सी आकृति उभरी, जो किसी बड़ी पेंटिंग या फ्रेम जैसी लग रही थी. वह विशाल साया हमारी तरफ बढ़ रहा था. हम दोनों इतने ज्यादा डर गए कि बिना पीछे देखे चीख मारते हुए वहां से सरपट भागे."

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उन्होंने आगे बताया कि रुकने के बाद जब उन्होंने डरे हुए दिल के साथ अपने दोस्त से पूछा कि क्या उसने भी वही देखा, तो दोस्त की घबराहट ने यह साफ कर दिया कि वह कोई वहम नहीं बल्कि कुछ और ही था.

"प्यार की तरह ही पुराना है भूतों का डर"

राजपाल यादव का मानना है कि भूत-प्रेत, जिन्न और खबीस जैसी चीजें सदियों से इंसानी सभ्यता और कहानियों का हिस्सा रही हैं. उन्होंने बहुत ही दार्शनिक और दिलचस्प अंदाज में इस डर की तुलना भावनाओं से करते हुए कहा, "जैसे रोमांस में प्यार और भावनाएं होती हैं, वैसे ही भूतों के साथ डर जुड़ा होता है. बचपन से ही हमें डराया जाता है कि अकेले जंगल मत जाना, वहां पुलिस पकड़ लेगी या वहां भूत का साया है. जैसे जीवन में प्यार, शादी और ब्याह का एक तय ढर्रा चलता है, वैसे ही डर और भूतों का यह सिलसिला भी पीढ़ी-दर-पीढ़ी हमारे साथ चलता रहता है."

मनोरंजन का जरिया है 'डर'

एक शिक्षित व्यक्ति के नजरिए से बात करते हुए राजपाल ने स्पष्ट किया कि उनके लिए ये किस्से और फिल्में मनोरंजन का एक सशक्त माध्यम हैं. राजपाल ने चुटकी लेते हुए कहा कि जिस तरह दर्शकों को पर्दे पर प्यार-मोहब्बत की कहानियां पसंद आती हैं, वैसे ही डरावनी फिल्में भी लोगों को खूब रोमांचित करती हैं. 'भूत बंगला' भी इसी डर और हंसी के अनोखे संगम का हिस्सा है, जो दर्शकों को डर के साथ-साथ भरपूर मनोरंजन भी प्रदान करती है.

फिल्म के बारे में

इस फिल्म के साथ अक्षय कुमार और राजपाल यादव की सुपरहिट कॉमेडी जोड़ी एक बार फिर पर्दे पर वापसी कर रही है. 'भूत बंगला' के निर्माता अक्षय कुमार और एकता कपूर हैं, जिन्होंने मिलकर इस हॉरर-कॉमेडी को बड़े पैमाने पर दर्शकों के सामने पेश किया है. हॉरर कॉमेडी पिछले कुछ सालों से कामयाब जॉनर रहा है और अब देखने है कि क्या ‘ भूत बंगला ‘ इस जॉनर में बनी एक और कामयाब फिल्म बन पाएगी या नहीं ?

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