भारतीय सिनेमा के दिग्गज एक्टर परेश रावल अपनी दमदार एक्टिंग और कॉमिक रोल्स के लिए जाने जाते हैं. उन्हें पद्म श्री से भी सम्मानित किया जा चुका है और साथ ही वह एक्टिंग की दुनिया में फिल्मफेयर सहित कई अवार्ड्स हासिल कर चुके हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनकी पत्नी स्वरुप संपत भी अपने समय की बेहद खूबसूरत एक्ट्रेस और मिस इंडिया रह चुकी हैं. उन्होंने 1979 में मिस इंडिया बनने के बाद भारत का प्रतिनिधित्व मिस यूनिवर्स पेजेंट में किया. स्वरुप ने 80 के दशक में कई फिल्मों और टीवी शोज में काम किया और बाद में समाजसेवा व शिक्षा के क्षेत्र में खुद को समर्पित कर दिया. उनकी कहानी ग्लैमर, करियर और सेवा भावना का अनोखा मिश्रण है.
मिस इंडिया जीत चुकी हैं परेश रावल की वाइफ

स्वरूप संपत ने 1979 में मिस इंडिया का खिताब जीतकर देशभर में पहचान बनाई थी. इसी उपलब्धि ने उनके लिए मॉडलिंग और फिल्म इंडस्ट्री के दरवाजे खोल दिए थे. उन्होंने उस साल मिस यूनिवर्स कांटेस्ट में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था.
ये भी पढ़ें- मौसमी चटर्जी के पति की 5 फोटो, 10वीं थी तब की सगाई, 15 साल की उम्र में शादी, 17 में बनीं मां
80s में फिल्मों में रखा कदम

स्वरुप ने 80 के दशक में हिंदी फिल्मों में कदम रखा. इस दौरान उन्होंने कई बड़े बैनर की फिल्मों में काम किया. मशहूर डायरेक्टर यश चोपड़ा ने उन्हें 1981 की फिल्म ‘नाखुदा' में ब्रेक दिया. इसके बाद ऋषिकेश मुखर्जी की ‘नरम गरम' जैसी फिल्मों में काम करके उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी मजबूत जगह बनाई.
बोल्ड किरदारों से बनाई पहचान

उन्होंने अपनी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और बोल्ड किरदारों के जरिए फिल्म इंडस्ट्री में खास पहचान बनाई. साल 1984 में रिलीज हुई फिल्म ‘करिश्मा' में उनके बिकिनी सीन को लेकर वह काफी सुर्खियों में रहीं.
थियेटर के दौरान हुई पति से मुलाकात

थिएटर के दौरान उनकी मुलाकात परेश रावल से हुई. धीरे-धीरे दोनों के बीच रिश्ता गहरा हुआ. लंबी दोस्ती के बाद 1987 में दोनों ने शादी कर ली. परेश रावल ने एक इंटरव्यू में बताया था कि संपत उनके बॉस की बेटी हैं. उन्होंने अपने दोस्त से कहा था कि वह स्वरुप से ही शादी करेंगे, भले ही वह उनके बॉस की बेटी क्यों न हों. इन दोनों के दो बच्चे हैं, जिनके नाम आदित्य और अनिरुद्ध हैं.
फिल्मों से दूर हुईं परेश रावल की वाइफ

फिल्मों से दूरी बनाने के बाद स्वरूप संपत ने समाजसेवा को अपना लक्ष्य बनाया. वो दिव्यांग बच्चों को एक्टिंग सिखाती हैं. जब पीएम मोदी गुजरात के सीएम थे, तब उन्होंने स्वरूप को बच्चों के लिए एजुकेशन प्रोग्राम का हेड चुना था. वह लेखन के क्षेत्र में भी एक्टिव हैं और कई किताबें लिख चुकी हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं