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परेश रावल ने किया ‘धुरंधर 2’ का रिव्यू, बोले- इस तरह की फिल्म बनाने के लिए जिगरा चाहिए

परेश रावल ने फिल्म के डायरेक्टर आदित्य धर और पूरी टीम को बधाई दी. उन्होंने कहा कि फिल्म का स्क्रीनप्ले, टेक्निकल काम और एक्टिंग सब कुछ शानदार है. उन्होंने आगे कहा, “इस तरह की फिल्म बनाने के लिए जिगरा चाहिए.”

परेश रावल ने किया ‘धुरंधर 2’ का रिव्यू, बोले- इस तरह की फिल्म बनाने के लिए जिगरा चाहिए
धुरंधर 2 जैसे फिल्में कम क्यों बनती हैं : परेश रावल

फिल्म ‘धुरंधर 2' को लेकर दर्शकों में चर्चा तो थी ही, लेकिन अब परेश रावल के बयान ने इसे और सुर्खियों में ला दिया है. एनडीटीवी से खास बातचीत में उन्होंने फिल्म की खुलकर तारीफ की और इसे ऐसी फिल्म बताया, जिसे बार-बार देखा जाना चाहिए. उन्होंने साफ कहा कि इस तरह की फिल्में भारत में कम बनती हैं और यही बात उन्हें सबसे ज्यादा खलती है. परेश रावल ने कहा कि ‘धुरंधर 2' एक शानदार फिल्म है. उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि भारत में ऐसी फिल्में ज्यादा नहीं बनतीं. उनके मुताबिक लोग कुछ भी कहें, लेकिन आखिर में फैसला जनता ही करती है. उन्होंने कहा कि चाहे कोई इसे प्रोपेगेंडा कहे या कुछ और, लेकिन दर्शक समझदार हैं और वही असली जवाब देते हैं.  

4 घंटे की फिल्म, फिर भी बोर नहीं होंगे

परेश रावल ने फिल्म की ड्यूरेशन को लेकर भी खास बात कही. रील्स और सोशल मीडिया के इस दौर में उन्होंने लोगों की आदत को लेकर कहा कि आज के समय में हमारा टाइम स्पान महज 30 सेकंड का हो गया है. ऐसे में उन्हें 4 घंटे की फिल्म दिखाना आसान काम नहीं है. उनके मुताबिक, मुंबई जैसी व्यस्त जिंदगी में इतना समय निकालना और फिर फिल्म देखकर बाहर आकर उसकी तारीफ करना, अपने आप में बड़ी बात है. उन्होंने कहा कि फिल्म देखते वक्त एक पल के लिए भी फोन देखने का मन नहीं करता, और यही असली जीत है फिल्ममेकर की.

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डायरेक्टर और टीम की तारीफ

परेश रावल ने फिल्म के डायरेक्टर आदित्य धर और पूरी टीम को बधाई दी. उन्होंने कहा कि फिल्म का स्क्रीनप्ले, टेक्निकल काम और एक्टिंग सब कुछ शानदार है. उन्होंने आगे कहा, 'इस तरह की फिल्म बनाने के लिए जिगरा चाहिए.' उन्होंने ये तक कहा कि इस फिल्म को सिर्फ एक बार नहीं, बल्कि दो-तीन बार देखना चाहिए. उनके मुताबिक फिल्म में कई ऐसी डिटेल्स हैं, जिन्हें समझने के लिए बार-बार देखना जरूरी है.

फेवरेट किरदार कौन?

जब उनसे पूछा गया कि फिल्म में उनका पसंदीदा किरदार कौन है, तो उन्होंने बिना झिझक कहा- “ऑफकोर्स, हमजा.”  कुल मिलाकर, परेश रावल की बातों से साफ है कि ‘धुरंधर 2' सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक ऐसा सिनेमाई अनुभव है जो अपने पैमाने, डिटेल और कहानी के दम पर अलग खड़ा होता है. यही वजह है कि वे इसे बार-बार देखने की सलाह देते हैं, क्योंकि हर बार इसमें कुछ नया समझ में आता है और यही इसकी असली ताकत है.

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