विज्ञापन

भारत में रिलीज नहीं होगी ये ऑस्कर नॉमिनेटेड फिल्म! CBFC ने सर्टिफिकेट देने से किया मना, वजह बना भारत-इजराइल का रिश्ता

ऑस्कर नॉमिनेटेड फिल्म द वॉयस ऑफ हिंद रजाब भारत में रिलीज नहीं होगी, जिसका कारण NDTV को फिल्म के भारतीय डिस्ट्रूीब्यूटर ने बताया है. 

भारत में रिलीज नहीं होगी ये ऑस्कर नॉमिनेटेड फिल्म! CBFC ने सर्टिफिकेट देने से किया मना, वजह बना भारत-इजराइल का रिश्ता
भारत में रिलीज नहीं होगी ऑस्कर नॉमिनेटेड फिल्म
नई दिल्ली:

'द वॉयस ऑफ हिंद रजाब एक ऑस्कर नॉमिनेटेड फिल्म है, जो इन दिनों दुनियाभर में चर्चा में है. खास बात यह है कि इस फिल्म को भारत में रिलीज करने से रोक दिया गया है. रिपोर्ट्स की मानें तो फिल्म के भारतीय डिस्ट्रिब्यूटर का कहना है कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) ने फिल्म को क्लीयरेंस देने से इनकार करते हुए कहा है कि उन्हें डर है कि यह फिल्म भारत के साथ इजरायल के साथ रिश्ते खराब कर देंगे. इसी पर हाल ही में NDTV ने मुंबई के जय विरात्रा एंटरटेनमेंट के डिस्ट्रिब्यूटर से बात की और फिल्म के रिलीज को लेकर कुछ सवाल किए.   

सवाल: मैं आपसे पूछना चाहूंगा कि खबर जो है, 'द वॉयस ऑफ हिंद रजाब (The Voice of Hind Rajab)', ये आप इसको यहां इंडिया में रिलीज करने का ट्राई कर रहे थे लेकिन सीबीएफसी ने सर्टिफिकेट नहीं दिया. क्या वजह वो बता रहे हैं?
मनोज:
वजह सर वही कि इंडिया-इजराइल के रिलेशनशिप कि भाई इंडिया-इजराइल फ्रेंडली है और फिल्म गाजा बेस्ड है तो वो उनका एक रीजन है.

सवाल: ओके. कब आपने ट्राई किया था इसको अप्लाई करने का?
मनोज:
हमने 26 जनवरी को अप्लाई किया था.

सवाल: और तब से लगातार मतलब आप कोशिश कर रहे हैं और नहीं हो पाया?
मनोज:
नहीं, स्क्रीनिंग होता है, नॉर्मल प्रोसेस होता है कि फिल्म अप्लाई करते हैं हम लोग, डॉक्यूमेंट सबमिट करते हैं, स्क्रीनिंग होता है, तो एंड ऑफ़ फेब में स्क्रीनिंग हुआ था 26 या 27 के अराउंड. तो उन्होंने ये रीजन दिया, अब ये फिल्म को डायरेक्टली रिवाइजिंग कमेटी में भेज दिया है. अब क्या होता है, मालूम नहीं.

ये भी पढ़ें-  US ट्रैवल बैन के कारण ऑस्कर 2026 में नहीं शामिल होगा ये एक्टर, बोला- छीन लिया जिंदगी का सबसे बड़ा मौका

सवाल: ओके, तो ये डॉक्यू-ड्रामा है ये फिल्म?
मनोज:
राइट, फीचर फिल्म है.

सवाल: फीचर फिल्म है? मतलब डॉक्यू-ड्रामा से फीचर फिल्म हुआ ना?
मनोज:
डॉक्यू-ड्रामा नहीं बोल सकते खाली क्या जो वो जो 6 साल की लड़की थी उसकी ओरिजिनल वॉइस यूज की है. बाकी कैरेक्टर जो है मतलब लुक-अलाइक फिक्शन जो होता है ना जैसे कोई भी फिल्म होती है हम बनाते हैं तो, वैसा है.

सवाल: क्या ड्यूरेशन है सर इसका?
मनोज:
फिल्म का डेढ़ घंटा, 90 मिनट.

सवाल: तो अभी आप क्या प्लान कर रहे हैं? अगर नहीं हो रहा है तो कुछ आप नेक्स्ट स्टेप सोच रहे हैं?
मनोज:
नेक्स्ट स्टेप अभी रिवाइजिंग कमेटी का उन्होंने फॉरमेशन का वेट कर रहे हैं कि रिवाइजिंग कमेटी फॉर्म होगी, वो वापस से फिल्म देखेंगे, फिर वो क्या करते हैं तो नेक्स्ट स्टेप सोच सकते हैं ना.

सवाल: ओके, लेकिन मैं पढ़ रहा था इसके बारे में कि कहीं कि बाकी जो कंट्रीज हैं उनमें ये ऑलरेडी जा चुकी है और उनके भी जो इजराइल और इंडिया, उनके भी इज़राइल से रिलेशन अच्छे हैं पर उसके बावजूद ये फिल्म वहाँ रिलीज हुई?
मनोज:
हा वो तो यूके, यूएसए, फ्रांस, इटली, हर जगह सारे यूरोपियन कंट्रीज में, सब जगह रिलीज हो चुकी है फिल्म.

सवाल: तो यहां पे जो आपको वजह दी गई वो यही वजह दी गई कि जो अभी हालात चल रहे हैं, हिंदुस्तान और इजराइल के जो रिश्ते हैं उसपे असर पड़ेगा?
मनोज:
हां.

सवाल: क्या मतलब एक्जैक्टली खुल के थोड़ा बताएंगे क्या बोला कुछ?
मनोज:
नहीं, मतलब उनका वही है कि भाई इंडिया-इजराइल फ्रेंडली हैं, तो इसके लिए वो नहीं चाहते कि वो रिलेशन, सेंसिटिव रिलेशनशिप में कुछ ऐसा है. अब वो उनकी सोच है कि फिल्म से उनको लगता है कि रिलेशन ब्रेक हो सकते हैं, मेरे को तो नहीं लगता. बट वो उनकी सोच है और वो गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के रिप्रेजेंटेटिव हैं. अब वो अपनी गाइडलाइन को फॉलो करते हैं जो उनको गवर्नमेंट ऑफ इंडिया से या जो CBFC ने गाइडलाइन बनाई है, किस बेस पे बनाई है वो बता सकते हैं किस बेस पे ये लोग इस चीज को जज करते हैं. बट ये है कि मैं बोल सकता हूं कि भाई यहां पे डबल स्टैंडर्ड है, एक फिल्म को आप अलग तरह से ट्रीट करते हो दूसरी फिल्म को आप अलग तरह से ट्रीट करते हो.

सवाल: ऐसा किसलिए बोल रहे हैं आप कौन सी फिल्म को लेके?
मनोज:
काफी फिल्म हैं आप देख लो ना काफी फिल्म है जो सेंसर से क्लियर हो जाती है विदाउट ऑब्जेक्शन और कई फिल्मों में छोटी-छोटी चीजों के लिए कट किया जाता है. ओके, अभी रिसेंटली रिलीज फिल्म में कितनी गालियां हैं?

ये भी पढ़ें- Dhurandhar 2 Collection Live Updates: 'धुरंधर 2' ने बॉक्स ऑफिस पर रचा इतिहास, 236 करोड़ के पार, रणवीर सिंह ने तोड़ा शाहरुख की जवान का रिकॉर्ड

सवाल: आप धुरंधर की बात कर रहे हैं?
मनोज:
तो और भी कितनी फिल्में आती हैं आपने देखा होगा जिनमें मतलब प्योर जो गालियां हम देते हैं वो सब है और हमारी फिल्म में ‘F' वर्ड था, ‘F' वर्ड भी किस सेंस में था कि जैसे लोग बोलते हैं ना गुस्से में, F... the Army, F... the country... आप एक लड़की के ऊपर बोल रहे हो तो चलो मैं भी समझता हूं कि लड़की के सामने आप ऐसा नहीं बोल सकते. तो यहां पे बोले नहीं सर ये ‘F' वर्ड कट करना पड़ेगा आपको.

सवाल: ओके. इंडिया क्यों इम्पॉर्टेंट है इस फिल्म के लिए ये थोड़ा बताएंगे?
मनोज:
इंडिया इम्पॉर्टेंट क्यों है? इंडिया में देखो कोई भी फिल्म हो, इंडिया एक बहुत बड़ा मार्केट है सबके लिए और एक इमोशनल फिल्म है. ये फिल्म किसी कंट्री के खिलाफ नहीं है, ये फिल्म वॉर के बारे में है कि जब वॉर होती है तो कॉमन पीपल कैसे सफर करता है. बड़े लोग होते हैं जैसे आप जर्नलिस्ट हैं, आपको मालूम पड़ जाता है ये चीज होने वाली है पर एक आम आदमी को नहीं मालूम पड़ता ना कि ये होने वाला है, जब उसके घर पे कोई आ जाता है तब मालूम पड़ता है कि भाई अटैक होने वाला है. तो वो कैसे सफर करता है तो फिल्म वही है कि एक फैमिली कितना क्या सफर करती है कार में स्टक हो जाती है और कैसे सफर करती है और पूरी फैमिली को शूट किया जाता है. तो ये फिल्म में कहीं पॉलिटिकल वर्ड यूज ही नहीं किया है कि कहीं फिल्म में पॉलिटिकली किसी कंट्री के बारे में जैसे बोलते हैं ना हमारे यहां पे इंडिया-पाकिस्तान की फिल्म होती है तो कैसा पाकिस्तान को ब्लेम करते हैं हम लोग. इस फिल्म में कहीं इजराइल को या किसी भी कंट्री को ब्लेम नहीं किया है.

सवाल: तो फिल्म देखने के बाद भी उनको ये नहीं लगा कि कहीं किसी को ब्लेम नहीं किया है तो कोई प्रॉब्लम नहीं है?
मनोज:
हां अब वो तो उनकी गाइडलाइन थी या पहले से उनको इंस्ट्रक्शन थे इस फिल्म के क्योंकि ये फिल्म आपको भी मालूम है बैंगलोर, पुणे, केरला, गोवा सब जगह फेस्टिवल में भी स्क्रीन नहीं हुई थी फिल्म इसी वजह से.

सवाल: आप लोगों ने ट्राई किया था वहां पे उस वक्त?
मनोज: हां वो तो मीडिया में भी आप लोगों ने कवर किया है कि बैंगलोर में, पुणे में, केरला फिल्म फेस्टिवल, गोवा इफ्फी, कहीं पे नहीं हुआ था.

सवाल: ओके ओके. ठीक है तो अब आप इंतजार करेंगे कि जब रिव्यू कमेटी देख के क्या कहती है?
मनोज:
हां अब रिवाइजिंग कमेटी जब एक बार बोल दे ना कि आप कोई चीज के लिए कोई मना कर दे ऑफिशियली, तो आपके पास डाक्यूमेंटेड होना चाहिए कि सर हां इन्होंने मना कर दिया है कंपलीटली. भाई कल को हो सकता है वो मिरेकल हो जाए और वो बोले कि नहीं सर ये कट कर दीजिए या डिस्क्लेमर डाल दीजिए. कुछ भी बोल सकते हैं ना अगर वो, तो बिना उसके तो मैं भी नहीं बोल सकता कि वो क्या चाहेंगे.

ये भी पढ़ें- वॉन्टेड के गनी भाई नहीं देख रहे धुरंधर 2, सुकून से सुन रहे बॉलीवुड के पुराने गाने, बोले- धुरंधर से बहुत दूर

लेखक के बारे में
img
प्रशांत शिशौदिया
Consulting Senior Editor, Entertainment
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Manoj Nandwana, Manoj Nandwana On The Voice Of Hind Rajab
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com