हिंदी सिनेमा के महान गायक मोहम्मद रफी की आवाज आज भी करोड़ों दिलों पर राज करती है. उनके हजारों गीत संगीत प्रेमियों की प्लेलिस्ट का हिस्सा हैं, लेकिन उनकी निजी जिंदगी का एक ऐसा चैप्टर भी रहा, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. यह कहानी उनकी पहली शादी से जुड़ी है, जो उन्होंने बेहद कम उम्र में की थी. देश के बंटवारे ने न सिर्फ लाखों परिवारों को अलग किया, बल्कि रफी की जिंदगी भी हमेशा के लिए बदल दी. दिलचस्प बात यह है कि उनकी जिंदगी का यह राज उनके निधन के कई साल बाद दुनिया के सामने आया.
13 साल की उम्र में हुई थी पहली शादी
रिपोर्ट्स और परिवार के सदस्यों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, मोहम्मद रफी की पहली शादी वर्ष 1945 में तब हुई थी, जब उनकी उम्र महज 13 साल थी. उनका निकाह उनकी रिश्तेदार बशीरा बीबी से उनके पैतृक गांव में हुआ था. परिवार में उन्हें प्यार से ‘माझी' कहा जाता था. इस शादी से दोनों का एक बेटा भी हुआ, जिसका नाम सईद बताया जाता है. उस समय तक रफी का संगीत करियर शुरुआती दौर में था और उन्हें देशभर में पहचान मिलना अभी बाकी था.
बंटवारे ने बदल दी दोनों की जिंदगी
साल 1947 में भारत के विभाजन के दौरान फैली हिंसा ने लाखों लोगों की तरह इस परिवार को भी प्रभावित किया. बताया जाता है कि दंगों में बशीरा बीबी के माता-पिता की मौत हो गई थी. इस दर्दनाक घटना के बाद उन्होंने लाहौर में ही रहने का फैसला किया और भारत आने से इनकार कर दिया. दूसरी ओर, मोहम्मद रफी भारत में ही रहे, जहां उनका संगीत करियर तेजी से आगे बढ़ने लगा. दोनों अलग-अलग देशों में रह गए और समय के साथ उनका वैवाहिक रिश्ता भी खत्म हो गया.
मौत के बाद सामने आया अनसुना सच
बाद में मोहम्मद रफी ने बिलकिस बानो से शादी की और उनके साथ अपना परिवार बसाया. लंबे समय तक उनकी पहली शादी का जिक्र सार्वजनिक रूप से नहीं हुआ. यह जानकारी लोगों के सामने तब आई, जब उनके निधन के बाद उनकी बहू ने अपनी किताब ‘मोहम्मद रफी माय अब्बा' में इस अध्याय का उल्लेख किया. इस खुलासे ने उनके प्रशंसकों को महान गायक की जिंदगी के उस पहलू से रूबरू कराया, जो दशकों तक लोगों की नजरों से दूर रहा.
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