ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के आने के बाद मनोरंजन एक अलग स्तर पर पहुंच चुका है. न केवल फिल्में और वेब सीरीज बल्कि ट्रू क्राइम डॉक्यूमेंट्रीज दर्शकों को काफी रोमांचित करती हैं. ये डॉक्यूमेंट्रीज अपराध की ऐसी कहानियां दिखाती हैं, जो रूह कंपाने वाली और दिल दहलाने वाली होती हैं. सबूतों और गवाहों के बयानों के साथ इस तरह की डॉक्यूमेंट्रीज सस्पेंस को एक अलग स्तर पर ले जाती हैं. ऐसी ही एक डॉक्यूमेंट्री के बारे में आज हम बात कर रहे हैं. ये डॉक्यूमेंट्री जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, देखने वालों को अपनी दुनिया में ले जाती है और जो सच सामने आता है वो बेहद चौंकाने वाला है.
ब्रिटिश-इंडियन डायरेक्टर पैट्रिक ग्राहम ने इस ट्रू क्राइम डॉक्यूमेंट्री को डायरेक्ट किया था. इंडिया टुडे ओरिजिनल्स के बैनर तले बनी ये डॉक्यूमेंट्री लगातार ट्रेंड करती रही थी. इस डॉक्यूमेंट्री का नाम है 'डांसिंग ऑन द ग्रेव' (Dancing on the Grave), जिसमें एक पति अपनी पत्नी के साथ ऐसी हैवानियत करता है कि इंसानियत भी शर्मसार हो उठती है. रिश्तों और समाज की घिनौनी सच्चाई दिखाती इस डॉक्यूमेंट्री को देख रूह कांप जाती है.
इस सच्ची घटना पर आधारित है डॉक्यूमेंट्री
1991 में मैसूर, जयपुर और हैदराबाद के दीवान सर मिर्ज़ा इस्माइल की पोती, शकेरेह खलीली लापता हो गईं. तीन साल बाद, पुलिस को उनका कंकाल बेंगलुरु के 81, रिचमंड हाउस में एक लकड़ी के ताबूत में दबा हुआ मिला, जहां वह अपने दूसरे पति मुरली मनोहर मिश्रा, उर्फ स्वामी श्रद्धानंद के साथ रहती थी.
हर रात करता था कब्र पर डांस
शकेरेह को ड्रग्स देकर लकड़ी के ताबूत में डाल दिया गया था. पता चला कि उन्हें जिंदा दफनाया गया था. बेहद हैरान करने वाली बात ये थी कि श्रद्धानंद हर रात अपने दोस्तों के साथ मिलकर शकेरेह खलाली की कब्र पर डांस करता था और पार्टी किया करता था. जब ये मामला सामने आया तो शकेरेह के परिवार और बेटियों को बहुत बड़ा सदमा लगा था. इस सनसनीखेज मामले को इंडिया टुडे ओरिजिनल्स की चार एपिसोड वाली डॉक्यूसीरीज 'डांसिंग ऑन द ग्रेव' में देखा गया है. ये डॉक्यूमेंट्री प्राइम वीडियो पर उपलब्ध है. 4 एडिसोड वाली इस डॉक्यूमेंट्री की लेंथ करीब 3-4 घंटे की है.
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