हाथरस गैंगरेप पीड़िता का UP पुलिस ने किया अंतिम संस्कार तो जावेद अख्तर बोले- किसने ये अधिकार दिया...

हाथरस गैंगरेप पीड़िता (Hathras Gang Rape Victim) का अंतिम संस्कार यूपी पुलिस ने मंगलवार की रात अंधेरे में करीब 2:30 बजे कर दिया. इस बात को लेकर जावेद अख्तर ने ट्वीट किया है.

हाथरस गैंगरेप पीड़िता का UP पुलिस ने किया अंतिम संस्कार तो जावेद अख्तर बोले- किसने ये अधिकार दिया...

जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने यूपी पुलिस (UP Police) द्वारा अंतिम संस्कार करने पर उठाया सवाल

खास बातें

  • हाथरस गैंगरेप पीड़िता का यूपी पुलिस ने किया जबरन अंतिम संस्कार
  • यूपी पुलिस पर भड़के जावेद अख्तर
  • जावेद अख्तर ने ट्वीट कर यूपी पुलिस से किया सवाल

हाथरस गैंगरेप पीड़िता (Hathras Gang Rape Victim) का अंतिम संस्कार यूपी पुलिस ने मंगलवार की रात अंधेरे में करीब 2:30 बजे कर दिया. यूपी पुलिस (UP Police) पर आरोप है कि इस दौरान उन्होंने मृतक के परिजनों को घर में भी बंद कर दिया था. इस मामले पर जावेद अख्तर (Javed Akhtar) का गुस्सा फूटा है. जावेद अख्तर ने ट्वीट कर यूपी पुलिस के इस कदम पर आपत्ति जताई है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें यह अधिकार किसने दिया है. इस बात ने हमें सवाल के साथ खड़ा कर दिया है. हाथरस मामले को लेकर जावेद अख्तर का यह ट्वीट खूब सुर्खियां बटोर रहा है, साथ ही सोशल मीडिया यूजर इसपर जमकर कमेंट भी कर रहे हैं. 


जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने अपने ट्वीट में लिखा, "यूपी पुलिस (UP Police) ने रेप पीड़िता के शरीर का रात के ढाई बजे ही उनके परिवार की बिना अनुमति और यहां तक कि बिना मौजूदगी के अंतिम संस्कार कर दिया. इस बात ने हमें एक प्रश्न के साथ छोड़ दिया है. किस चीज ने उन्हें इतना साहस दिया कि उन्होंने यह कदम उठा लिया. किसने उन्हें यह सब करने का अधिकार दिया है." बता दें कि यूपी पुलिस के इस कदम से जुड़ा फुटेज भी खूब वायरल हो रहा है, जिसमें वह पीड़ित परिवार को पुलिस के साथ बहस करते हुए देखा गया है. मृतक के रिश्तेदार खुद शव ले जाने वाली एम्बुलेंस के आगे आ खड़े हुए और गाड़ी की बोनेट पर लद गए लेकिन पुलिसवालों ने उन्हें हटाकर दाह संस्कार कर दिया.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


हाथरस (Hathras) में हुए इस मामले को लेकर पीड़िता के भाई का आरोप है कि  पुलिस ने उन्हें बताए बिना शव को घर से दूर ले गई और चुपचाप उसका अंतिम संस्कार कर दिया. मृतक के पिता और भाई पुलिस एक्शन के खिलाफ विरोध में धरने पर बैठ गए. इसके बाद पुलिस के अफसर उन्हें काली स्कॉर्पियो में बिठाकर कहीं और ले चले गए. गांववालों ने भी इस दौरान पुलिस कार्रवाई का विरोध किया. इस घटना के बाद इलाके में पुलिस के खिलाफ भारी रोष है. बता दें कि युवती की मौत के बाद मंगलवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के बाहर लोगों ने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया और दोषियों को फांसी देने की मांग की.