विज्ञापन

धुरंधर 2 जैसी फिल्में नहीं करना चाहता 2008, 2011 का ये टॉप हीरो, बोला- कभी नहीं करूंगा ऐसे रोल

एक तरफ हर कोई रणवीर की तारीफ कर रहा है तो वहीं आमिर खान के भांजे इमरान खान का इस पर कुछ और ही कहना है. इमरान ने इस तरह के हिंसक किरदारों को क्रिटिसाइज किया है.

धुरंधर 2 जैसी फिल्में नहीं करना चाहता 2008, 2011 का ये टॉप हीरो, बोला- कभी नहीं करूंगा ऐसे रोल
आमिर खान के भांजे को है धुरंधर 2 जैसी फिल्मों से दिक्कत

इन दिनों फिल्म धुरंधर 2 की खूब चर्चा हो रही है. फिल्म में रणवीर सिंह की एक्टिंग और उनके एक्शन सीन्स की काफी तारीफ हो रही है. जहां हर कोई रणवीर की तारीफ कर रहा है तो वहीं आमिर खान के भांजे इमरान खान का इस पर कुछ और ही कहना है. इमरान ने इस तरह के हिंसक किरदारों को क्रिटिसाइज किया है. हालांकि उन्होंने सीधे-सीधे किसी का नाम नहीं लिया लेकिन मार-काट और हिंसा का विरोध किया है. इमरान खान ने अपने Reddit AMA के दौरान एक फैन के सवाल के जवाब में फिल्मों में हिंसा और मार-काट वाले रोल्स की आलोचना की.

क्या बोले इमरान खान?

एक फैन ने इमरान खान से कहा, "प्लीज, उन 'माचो' (मर्दाना) किरदारों की तरफ मत जाना जो आजकल बहुत ज्यादा ट्रेंड में हैं...". इसके जवाब में इमरान ने कहा,  "हां, मुझे खून से लथपथ, गुस्से वाले, बालों वाले आदमी का किरदार निभाने में कोई दिलचस्पी नहीं है. मुझे लगता है कि इस तरह के किरदारों की पहले से ही बहुत ज्यादा भरमार है." हालांकि इमरान ने रणबीर या रणवीर का नाम नहीं लिया, लेकिन कुछ लोगों को लगा कि यह उनकी हालिया फिल्मों पर एक ताना था.

यह भी पढ़ें: Dhurandhar 2: फिल्म में पाकिस्तान के ल्यारी के लोगों ने भी की एक्टिंग, ‘धुंरधर 2' के इस एक्टर ने खोला राज, बोले- वो लोग सेट देख हैरान थे

एक और फैन ने लिखा, "आप उन गिने-चुने एक्टर्स में से एक थे जिन्होंने एक 'अच्छा इंसान' का किरदार शांत, दयालु और इमोशनली समझदार दिखाया. आज, बॉलीवुड के ज्यादातर मेनस्ट्रीम हीरो बहुत ज्यादा शोर-शराबा करने वाले, आक्रामक होते हैं, और अक्सर हिंसा या औरतों के प्रति गलत व्यवहार को बढ़ावा देते हैं. एक एक्टर के तौर पर आप इस बदलाव को कैसे देखते हैं? क्या आपको लगता है कि यह सिर्फ एक दौर है या कहानी कहने के तरीके में कोई गहरा बदलाव आया है? और क्या आपको लगता है कि जमीन से जुड़े, संवेदनशील मेल किरदारों के लिए फिर से जगह बन सकती है?"

‘ऐसी फिल्में परेशान करती हैं'

इमरान खान ने जवाब दिया, "मैंने भी इस ट्रेंड को नोटिस किया है और मैं इस बात से परेशान हूं कि ये फिल्में उन इमोशनली नासमझ 'मर्द के बच्चे' (man-children) के हर हिंसक नखरे को कैसे बढ़ावा देती हैं, जो यह सोच ही नहीं पाते कि कोई औरत उनके प्रपोजल को क्यों ठुकरा सकती है. यह ध्यान रखना जरूरी है कि हिंसा और टॉक्सिसिटी को दिखाने और उन्हें सही ठहराने में बहुत बड़ा फर्क होता है. मैं इसे लोगों का बिना सोचे-समझे किसी ट्रेंड के पीछे भागना मानता हूं. मेरी अपनी सोच मुझे ऐसी किसी कहानी का हिस्सा बनने की इजाजत नहीं देगी, जिसे मैं गैर-जिम्मेदाराना मानता हूं."

आपको बता दें कि 2008 में आई फिल्म जाने तू या जाने ना इमरान खान की सुपरहिट फिल्म है. इसके बाद 2011 की डेल्ही बेली में उनके रोल को काफी पसंद किया गया. यह फिल्म भी हिट थी.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com