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रामायण के सपोर्ट में आए ऋतिक रोशन, VFX के नाम पर हो रही ट्रोलिंग को लेकर पब्लिक से की ये अपील

रामायण का टीजर रिलीज होने के बाद से फिल्म के वीएफएक्स पर काफी चर्चा चल रही है. इस पर ऋतिक रोशन ने आकर मेकर्स का सपोर्ट किया और एक लंबी पोस्ट लिखी.

रामायण के सपोर्ट में आए ऋतिक रोशन, VFX के नाम पर हो रही ट्रोलिंग को लेकर पब्लिक से की ये अपील
ऋतिक रोशन ने रामायण मेकर्स को किया सपोर्ट
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नई दिल्ली:

रणबीर कपूर के लीड रोल वाली और नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बन रही 'रामायण' इस वक्त सबसे चर्चित और मचअवेटेड फिल्म बन गई है. इस फिल्म में रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) भगवान राम, साई पल्लवी सीता और यश रावण के किरदार में नजर आएंगे. ये महाकाव्य 4000 करोड़ के मेगा बजट नें बनकर तैयार होगी और इसे दो पार्ट में रिलीज किया जाएगा. हालांकि जब से इसका टीजर रिलीज हुआ है 'रामायण' ने ऑनलाइन दर्शकों का ध्यान खींचा और चर्चा का विषय भी बन गई है. इसमें कुछ चर्चा पॉजिटिव हैं तो कुछ लोग फिल्म पर सवाल भी उठा रहे हैं. कुछ लोगों ने फिल्म की ग्रैंडनेस की तारीफ की वहीं दर्शकों का एक ऐसा भी था जिसने फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) को कमजोर बताते हुए उन्हें क्रिटिसाइज किया. कुछ लोगों ने तो टीजर को "वीडियो गेम" जैसा भी बताया.

इस बढ़ती हुई बहस के बीच ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) ने फिल्म और उसके मेकर्स के बचाव में अपनी बात रखी. ऋतिक ने दर्शकों से रिक्वेस्ट की कि वे खुले विचारों के साथ फिल्म को देखें और शुरुआती झलकियां देखकर नहीं बल्कि फिल्म के पूरा देखने के बाद ही उस पर अपनी राय बनाएं.

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इंस्टाग्राम पर एक लंबा नोट शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, "हां, बुरे VFX होते हैं. कभी-कभी वे इतने बुरे होते हैं कि उन्हें देखना भी तकलीफदेह होता है. खासकर मेरे लिए... और तब तो और भी ज्यादा, जब वह फिल्म मेरी अपनी हो. जब मैं 11 साल का बच्चा था, तब लंदन की एक वेकेशन के दौरान मैंने 'बैक टू द फ्यूचर' देखी थी, और उस फिल्म ने मेरी जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी. मैं उस फिल्म का दीवाना हो गया था."

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ऋतिक रोशन ने यह भी समझाया कि VFX के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं, और यह जरूरी नहीं कि हर बार कुछ एकदम असली जैसा ही बनाया जाए. उनका मानना ​​है कि आलोचना करते समय फिल्म का जॉनर और वह क्या हासिल करने की कोशिश कर रही है, इन बातों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए.

उन्होंने आगे कहा, "VFX तब बुरा माना जाता है, जब फिल्म 'फोटोरियलिज्म' (एकदम असली जैसा दिखने) का वादा तो करे, लेकिन उसे पूरी तरह से निभा न पाए. ऐसे में एक छोटी सी चूक भी पूरे भ्रम को तोड़ सकती है. या फिर अगर फिल्म की शैली किसी 'कहानी की किताब' (storybook) जैसी होने का वादा करे, लेकिन उसे इतना सुंदर, आर्टिस्टिक या ग्रैंड ना बना पाए कि वह दर्शकों को अपनी तरफ खींच सके, तो उसे भी VFX की नाकामी माना जाएगा. लेकिन यह कहना कि 'कहानी की किताब' जैसी शैली फोटोरियलिस्टिक नहीं लग रही है. यह सही नहीं है. क्योंकि उसे वैसा बनाया ही नहीं गया है."

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उन्होंने अपनी पोस्ट के आखिर में लोगों से रिक्वेस्ट की कि वे किसी भी चीज पर अपनी राय बनाने से पहले दो बार सोचें. "आप किसी मेकर को क्रिटिसाइज सिर्फ इसलिए नहीं कर सकते कि उसने एक ऐसी कैटेगिरी चुनी है, जो आपको पसंद नहीं है, जबकि आपको कोई दूसरी शैली ज्यादा पसंद है. यह सही नहीं है. इसलिए, अगली बार जब आप कहें कि 'VFX बुरा है' तो हो सकता है कि वह बस एक ऐसी शैली हो, जिसकी आपने उम्मीद नहीं की थी. तो अगली बार, सिर्फ यह ना पूछें कि 'क्या यह असली लग रहा है?' बल्कि सबसे पहले यह पूछें कि 'क्या यह कहानी के लिए सही है?'" "क्या यह मुझे वैसा ही महसूस करा रहा है, जैसा इसके बनाने वाले ने चाहा था? इस पर बहस करो. लेकिन पूरी जागरूकता के साथ बहस करो." 'रामायण' दिवाली 2026 में रिलीज होने वाली है, जिसके बाद इसका दूसरा भाग दिवाली 2027 में आएगा.

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