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Daayra Review in Hindi: मेघना गुलजार की ‘दायरा’ सिनेमाघरों में रिलीज, जानें कैसी है करीना कपूर-पृथ्वीराज की फिल्म, पढ़ें हिंदी रिव्यू

Daayra Review In Hindi: मेघना गुलजार की मचअवेटेड फिल्म दायरा सिनेमाघरों में आज यानी 18 सितंबर को रिलीज हो गई है, जिसमें करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन लीड रोल में नजर आ रहे हैं. जानें कैसी है फिल्म. पढ़ें हिंदी रिव्यू.

Daayra Review in Hindi: मेघना गुलजार की ‘दायरा’ सिनेमाघरों में रिलीज, जानें कैसी है करीना कपूर-पृथ्वीराज की फिल्म, पढ़ें हिंदी रिव्यू
Daayra Review: जानें कैसी है मेघना गुलजार की दायरा, करीना कपूर और पृथ्वारीज लीड रोल में
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नई दिल्ली:

Daayra Review In Hindi: मेघना गुलजार की मचअवेटेड फिल्म दायरा सिनेमाघरों में आज यानी 18 सितंबर को रिलीज हो गई है, जिसमें करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन लीड रोल में नजर आ रहे हैं.  इसके अलावा जितेंद्र जोशी, क्षिती जोग, कंवलजीत सिंह, संदीप कुलकर्णी और तृप्ति खामकर जैसे कलाकार भी फिल्म का हिस्सा हैं. ट्रेलर की मानें तो दायरा सच्ची घटनाओं से प्रेरित अपराध की कहानी दिखाती है. फिल्म में करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन दो सीनियर पुलिस अधिकारी की भूमिका में नजर आ रहे हैं, जिनके एक केस को अलग अलग नजरिए देखने को मिले. लेकिन आइए आपको बताते हैं कि आखिर मेघना गुलजार के निर्देशन में बनीं करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन की दायरा कैसी है, जिसका फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने केवल 3 लोग आए हैं.

दायरा की कहानी

मेघना गुलजार की फिल्म दायरा सच्ची घटना से प्रेरित है. फिल्म 2019 के हैदराबाद गैंगरेप और मर्डर केस पर बेस्ड है, जिसमें पृथ्वीराज सुकुमारन डीसीपी रमन के रोल में हैं. करीना कपूर विजिलेंस यूनिट की अफसर हैं. पृथ्वीराज ने एनकाउंटर किया है और उसी से शुरू होती है फिल्म की कहानी. दरअसल, एनकाउंटर शक के घेरे में हैं, जिसके चलते रमन के खिलाफ जांच शुरू होती है. ये जांच करीना कपूर करती है. अब कुल मिलाकर घटनाएं चलती हैं, जांच चलती है और आखिर तक सही-गलत के बीच फिल्म झूलती है और आखिर में दर्शकों के स्वविवेक पर सबकुछ छोड़ दिया जाता है. फिल्म में मेघना गुलजार क्या दिखाना चाह रही हैं ये समझ पाना थोड़ा मुश्किल है. फिल्म को देखते हुए पृथ्वीराज की जन मन गण (2022) की याद आ जाती है. हां एक बात और पृथ्वीराज को फिल्म में इतने टाइट शर्ट पहनाए गए हैं कि कुछ समय बाद उन्हें देखते हुए घुटन महसूस होती है.

दायरा में एक्टिंग 

करीना कपूर बिल्कुल भी किरदार में उतर नहीं पाई हैं. देखकर साफ जाहिर हो जाता है कि बेबो सिर्फ एक्टिंग ही कर रही हैं. एक्सप्रेशन समझ से बाहर हैं. एक समय ऐसा आता है कि करीना की मुस्कान इरिटेट करने लगती है. अब बात करें मलयालम सुपरस्टार पृथ्वीराज की तो वह पूरी फिल्म में एक ही तरह के एक्सप्रेशन को पकड़े हुए हैं. ना जाने इस तरह की एक्टिंग करने की सलाह उन्हें किसने दी. बाकी फिल्म में एक्टिंग के मोर्चे पर किसी ने कुछ भी यादगार नहीं किया है.

दायरा का डायरेक्शन

फिल्म में जो घटना ली गई है वो दिल दहला देने वाली है. डायरेक्शन और ट्रीटमेंट बहुत खराब है. मलयालम सुपरस्टार को लेने से क्राइम थ्रिलर मलयालम फिल्म जैसी नहीं बन सकती. यह डायरेक्टर को याद रखना चाहिए था. जिस तरह की डेप्थ तफ्तीश में होनी चाहिए वो पूरी तरह मिसिंग है. मेघना गुलजार को इस फिल्म को बनाने से पहले इसकी मेकिंग पर फोकस करना चाहिए था. उन्हें सोचना चाहिए था कि आखिर में जो वो ढेर सारे अधूरे सवाल छोड़ रही हैं, वह फिल्म की आत्मा को छन्नी तो नहीं कर देते हैं. फिर अंत जिस बचकाने सीन पर किया गया है, वो प्रतीक में कुछ भी साबित नहीं करता है. मेघना ने यहां एक ऐसा विषय चुना जो बहुत गंभीर है, संवेदनशील है. लेकिन वो उसे कोई दिशा नहीं दे पाती हैं. यही फिल्म की कमजोरी है.

दायरा वर्डिक्ट: देखें या नहीं?

दायरा बतौर एक फिल्म निराश करती है. दायरा को अगर एक दिल दहला देने वाली घटनाओं को जानने के इरादे से देखना चाहते हैं तो भी सदमा लग सकता है. कहानी में कच्चापन, डायरेक्शन में झोल है और कुल मिलाकर फिल्म पूरी तरह से पटरी से उतरी हुई.

रेटिंग-  1/5 स्टार

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