हिंदी सिनेमा में 80 और 90 के दशक का दौर ऐसा था जब हीरो जितना दमदार होता था, विलेन भी उतना ही खतरनाक नजर आता था. उस समय फिल्मों में एक विदेशी चेहरा बार-बार दिखाई देता था, जो अपनी ताकत और खौफनाक अंदाज से दर्शकों को डराने में कामयाब रहा. बॉब क्रिस्टो वही अभिनेता थे जो बड़े-बड़े सितारों से भिड़ते नजर आते थे. खासकर अमिताभ बच्चन के साथ उनके फाइट सीन आज भी लोगों को याद हैं. 20 मार्च 1938 को सिडनी में जन्मे बॉब क्रिस्टो का असली नाम रॉबर्ट जॉन क्रिस्टो था. वह एक पढ़े-लिखे सिविल इंजीनियर थे और उनका परिवार ग्रीक और जर्मन मूल का था. बचपन में ही वह जर्मनी चले गए, जहां उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ थिएटर करना शुरू किया. यहीं उनकी मुलाकात हेल्गा नाम की लड़की से हुई, जिनसे उन्होंने शादी की और तीन बच्चों के पिता बने. लेकिन, उनकी जिंदगी में बड़ा झटका तब लगा, जब एक सड़क हादसे में उनकी पत्नी की मौत हो गई. इस हादसे ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया और उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई.
परवीन बॉबी की फोटो देख भारत आया ये खूंखार विलेन

उनकी जिंदगी का सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया, जब उन्होंने एक मैगजीन के कवर पर परवीन बाबी की तस्वीर देखी. उस एक तस्वीर ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि वह सबकुछ छोड़कर भारत आ गए. मुंबई पहुंचकर उन्होंने परवीन बाबी को ढूंढा और उनसे मुलाकात की. यही मुलाकात उनकी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट साबित हुई. परवीन बाबी की मदद से उन्हें फिल्मों में आने का मौका मिला और संजय खान ने 1980 में आई फिल्म 'अब्दुल्ला' में उन्हें पहला बड़ा रोल दिया.
ये भी पढ़ें- रोमांटिक हीरो, रियल लाइफ में थे बेहद सख्त, 5 बार बने बेस्ट एक्टर, परिवार को रखते थे लाइमलाइट से दूर
अमिताभ बच्चन के साथ किए दो दो हाथ

इसके बाद बॉब क्रिस्टो ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और 80-90 के दशक में बॉलीवुड के सबसे चर्चित विदेशी विलेन बन गए. उन्होंने 'कालिया', 'नमक हलाल', 'मर्द' और 'मिस्टर इंडिया' जैसी फिल्मों में काम किया. इन फिल्मों में उनकी सबसे खास पहचान उनके एक्शन सीन थे. खासकर अमिताभ बच्चन के साथ उनकी भिड़ंत दर्शकों को खूब पसंद आती थी. बड़े पर्दे पर जब अमिताभ बच्चन और बॉब क्रिस्टो आमने-सामने होते थे, तो थिएटर में सीटियां और तालियां गूंज उठती थीं. उनकी लंबी-चौड़ी कद-काठी और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस उन्हें बाकी विलेन से अलग बनाती थी.
200 फिल्मों में काम करके बनाई पहचान

उन्होंने करीब 200 फिल्मों में काम किया. उन्होंने सिर्फ हिंदी ही नहीं, बल्कि साउथ सिनेमा में भी काम किया और हर जगह अपनी छाप छोड़ी. फिल्मों से दूरी बनाने के बाद उन्होंने बेंगलुरु में बसकर योगा इंस्ट्रक्टर के रूप में नई जिंदगी शुरू की. धीरे-धीरे वह फिल्म इंडस्ट्री से दूर होते गए और एक साधारण जीवन जीने लगे. 20 मार्च 2011 को 72 साल की उम्र में उनका निधन हो गया.
ये भी पढ़ें- सलमान खान के साथ दिख रहा ये हीरो कभी भाईजान पर पड़ता था भारी, आज निभाता है पिता के किरदार, पहचान नहीं पाएंगे आप
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं