Asha Bhosle last Post : आशा भोसले रविवार, 12 अप्रैल को इस दुनिया को अलविदा कह गईं, जिससे उनके फैंस के दिलों में एक खालीपन रह गया है. अपने निधन से कुछ हफ्ते पहले, आशा भोसले ने अपने आखिरी म्यूजिकल कोलैबोरेशन में हिस्सा लिया था. 'द शैडोई लाइट' नाम का यह गाना, ब्रिटिश वर्चुअल बैंड 'गोरिल्लाज' के नौवें स्टूडियो एल्बम 'द माउंटेन' में शामिल है, जो 27 फरवरी, 2026 को रिलीज हुआ था. यह आशा भोसले की आखिरी सोशल मीडिया पोस्ट भी थी.
इस पोस्ट में आशा भोसले ने लिखा, "मेरे लिए 'द शैडोई लाइट' गाने का बहुत गहरा मतलब है. वाराणसी जाकर, सबसे पवित्र नदी गंगा में सफर करके और जो कुछ मैंने देखा उसे करीब से देखकर, मुझे जिंदगी का असली मतलब समझ आया—कि मैं कौन हूं और इस धरती पर मुझे क्या करना है."
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आशा ने लिखी गहरी बात
उन्होंने आगे कहा, "'द शैडोई लाइट' में, इस गहरी नदी को पार करना मेरी जिंदगी के सफर को दिखाता है—मेरा जन्म, मेरे रिश्ते, संगीत के प्रति मेरा समर्पण, मेरी उपलब्धियां, और एक बेटी, मां, बहन, पत्नी और एक हिंदू भारतीय के तौर पर मेरे फर्ज. नाव चलाने वाला मेरा संगीत है, जो जिन्दगी की इस नदी में मेरा मार्गदर्शक है और जब मैं नदी के उस पार पहुंच जाऊंगी, तो मेरा सफर पूरा हो जाएगा. मुझे मोक्ष (परम मुक्ति) मिल जाएगा, जहां मैं अपने आस-पास गूंजती हजारों आवाजों में से एक बन जाऊंगी. अगर आप उनमें से कुछ आवाजों को एक साथ मिलाएं, तो उनसे एक खूबसूरत धुन बनती है."
उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, "इसलिए, मैं भी उन्हीं आवाजों में से एक बन जाऊंगी, जो आखिरकार एक खूबसूरत गाने की एक म्यूजिकल नोट बन जाएगी—एक ऐसा गाना जिसे आने वाली कई पीढ़ियां हजारों सालों तक सुनती रहेंगी. प्रकृति के साथ एकाकार हो जाने की यही आजादी नदी के उस पार मेरा इंतजार कर रही है."
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