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Asha Bhosle hospitalised: आशा भोसले अस्तपाल में भर्ती, 20 भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गाने गा चुकी हैं आशा ताई

Asha Bhosle Health News: आशा भोसले को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. 92 वर्षीय आशा ताई ने अपने करियर में 20 भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गाना गाए हैं.

Asha Bhosle hospitalised: आशा भोसले अस्तपाल में भर्ती, 20 भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गाने गा चुकी हैं आशा ताई
Asha Bhosle hospitalised: मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती आशा भोसले
नई दिल्ली:

Asha Bhosle Health Update: भारतीय संगीत जगत की स्वर सम्राज्ञी आशा भोसले आज 92 वर्ष की उम्र में भी संगीत की दुनिया को रोशन करती हुईं अपनी मधुर आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करती हैं. हाल ही में उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. आशा ताई की जिंदगी की संघर्षपूर्ण यात्रा और उपलब्धियों को याद करते हुए उनके लाखों प्रशंसक प्रार्थना कर रहे हैं कि वे जल्द स्वस्थ होकर वापस लौटें. इसी बीच आइए नजर डालते हैं उनके जिंदगी और करियर पर.

आशा गणपतराव भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली जिले में हुआ. वे प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक और रंगमंच कलाकार दीनानाथ मंगेशकर की पुत्री तथा स्वर कोकिला लता मंगेशकर की छोटी बहन हैं. मात्र नौ वर्ष की उम्र में पिता का साया उठ जाने के बाद परिवार आर्थिक तंगी से जूझने लगा. छोटी उम्र से ही आशा और लता ने परिवार की जिम्मेदारी संभाली. 1943 में उन्होंने मराठी फिल्म ‘माझा बाळ' में अपना पहला गीत गाया, जबकि 1948 में हिंदी फिल्म ‘चुनरिया' के गीत ‘सावन आया' से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा.

आशा भोसले  ने 20 से अधिक भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गाने गाए हैं. शास्त्रीय, गजल, भजन, कव्वाली, पॉप, कैबरे से लेकर आधुनिक बीट तक, हर शैली में उन्होंने अपनी छाप छोड़ी. ‘पिया तू अब तो आ जा', ‘दम मारो दम', ‘दिल चीज क्या है', ‘मेरा कुछ सामान' जैसी अमर धुनें उनकी आवाज में जादू बन गईं. आरडी बर्मन के साथ मिलकर उन्होंने भारतीय संगीत का सुनहरा अध्याय लिखा. उन्होंने किशोर कुमार के साथ भी अनेक यादगार डुएट्स दिए.

जीवन की शुरुआत आसान नहीं थी. मात्र 16 वर्ष की उम्र में उन्होंने गणपतराव भोसले से भागकर शादी की, जो उस समय 31 वर्ष के थे. परिवार की मर्जी के खिलाफ यह फैसला महंगा पड़ा. फिर दोनों अलग हो गए, वे दो बच्चों और गर्भवती अवस्था में मां के घर लौटीं. तीसरे बेटे आनंद के जन्म के बाद उन्होंने खुद को संगीत में झोंक दिया. बाद में 1980 में उन्होंने संगीतकार राहुल देव बर्मन (पंचम) से दूसरा विवाह किया, जो 1994 में उनके निधन तक चला.

संगीत के अलावा आशा भोसले ने उद्यमिता में भी कमाल दिखाया. उन्होंने ‘आशा' नाम से रेस्तरां चेन शुरू की, जो आज भी लोकप्रिय है. टेलीविजन पर जज के रूप में भी उन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज की।

उनकी उपलब्धियां अनगिनत हैं. सात फिल्मफेयर अवॉर्ड्स (बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर), दो नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स, दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड (2000) और पद्म विभूषण (2008) समेत दर्जनों सम्मान उन्हें मिल चुके हैं. गिनेज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में उन्हें सबसे अधिक गाने गाने वाली कलाकार के रूप में दर्ज किया गया है. देश भर के संगीत प्रेमी उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं. 

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