जाने माने सिंगर और कंपोजर एआर रहमान 2025 में काफी बिजी रहे. जहां उनकी एल्बम गांधी टॉक्स आ चुकी है तो वहीं इन दिनों वह नितेश तिवारी की रामायण की एल्बम कंपोज करने के चलते चर्चा में हैं, जो इस साल के आखिरी में रिलीज हो सकती है. इसके चलते वह लेजेंड हंस जिम्मेर के साथ कोलाब कर रहे हैं. वहीं बीबीसी एशियन यूट्यूब चैनल से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि एल्बम बनाने के दौरान धार्मिक विश्वासों ने अहम भूमिका निभाई तो उन्होंने अपने धर्म को लेकर बात की.
एआर रहमान ने कहा, मैंने ब्राह्मण स्कूल में पढ़ाई की है और हर साल हमारे में रामायण और महाभारत होती थी तो मुझे कहानी पता है. कहानी इस बारे में है कि कोई इंसान कितना नेक और ऊंचे आदर्श वाला है. लोग बहस कर सकते हैं, लेकिन मैं उन सभी अच्छी बातों को अहमियत देता हूं. चाहे कोई भी अच्छी बात हो, जिससे आप कुछ सीख सकते हैं. पैगंबर ने कहा है कि ज्ञान बहुत कीमती चीज है, चाहे वह आपको कहीं से भी मिले. किसी राजा से, भिखारी से, अच्छे काम से या बुरे काम से. आप चीजों से दूर नहीं भाग सकते.”
आगे उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि हमें छोटी सोच और स्वार्थ से ऊपर उठ कर देखना चाहिए. क्योंकि जब हम ऊपर उठते हैं और हम शाइन करते हैं तो हम उसके रेडिएंट बन जाते हैं और यह बहुत जरूरी है. मुझे पूरे प्रोजेक्ट पर गर्व है क्योंकि यह भारत से पूरी दुनिया के लिए है, इतने प्यार के साथ. हैंस जिमर यहूदी हैं, मैं मुस्लिम हूं, और रामायण हिंदू (ग्रंथ) है.”
जिम्मेर के साथ कोलाब करने को लेकर एआर रहमान ने कहा, "मुझे लगता है कि अपने करियर के शुरुआती दौर में, मैं थोड़ा अलग और इंडिपेंडेंट रहना चाहता था. उन्होंने मुझे रिमोट कंट्रोल में मौका दिया, और फिर उन्होंने मुझे ऑस्कर के लिए इस सुपर-बैंड में शामिल किया. उस समय मैं अपनी जिंदगी में चिल करना चाहता था. मैं प्रेशर नहीं लेना चाहता था. जब नमित आए और कहा कि ऑफर अभी भी है, तो हम दोनों मिले, और वह बहुत मिलनसार हैं."
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