सीनियर एक्टर प्रेम चोपड़ा पिछले साल नवंबर में बीमार होने के चलते मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती हुए थे. अब हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया से बात करते हुए प्रेम ने बताया है कि जब से वह बीमार पड़े हैं, अमिताभ बच्चन उन्हें हर दिन 'जल्द ठीक हो जाओ' का मैसेज भेजते हैं. प्रेम चोपड़ा ने आगे कहा उन्होंने अमिताभ को बता दिया कि वह अब ठीक हैं लेकिन तब भी बिग बी मैसेज भेजते ही भेजते हैं."
प्रेम ने बताया कि WhatsApp पर उनके करीबी दोस्तों में से एक अमिताभ बच्चन हैं. प्रेम ने कहा, "जब से मैं बीमार पड़ा हूं, हर सुबह उनका एक मैसेज आता है 'गेट वेल सून, प्रेम'. 'तुम्हारे लिए प्रार्थनाएं' मैंने उनसे कहा, यार, मैं तो ठीक हो गया हूं. लेकिन वह प्यार से मैसेज भेजना जारी रखते हैं."
2025 में अस्पताल में भर्ती हुए थे प्रेम चोपड़ा
साल 2025 में उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों ने बताया था कि उन्हें वायरल इन्फेक्शन और उम्र से जुड़ी कुछ दिक्कतें थीं. प्रेम को गंभीर 'एओर्टिक स्टेनोसिस' (aortic stenosis) की बीमारी का पता चला था. इलाज के बाद, उनके दामाद और अभिनेता शरमन जोशी ने Instagram पर एक पोस्ट शेयर करके उनकी सेहत के बारे में जानकारी दी थी.
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उन्होंने कहा था, "पापा को गंभीर 'एओर्टिक स्टेनोसिस' की बीमारी का पता चला था, और डॉ. राव ने सक्सेसफुली 'TAVI' प्रोसेस कर ली है. इसमें बिना ओपन-हार्ट सर्जरी के वाल्व बदला गया. हर कदम पर डॉ.गोखले के लगातार गाइडेंस से हमें बहुत हिम्मत मिली. उनकी एक्सपर्टीज से पूरी प्रोसेस सही ढंग से हुई और कोई परेशानी नहीं हुई. इलाज में कोई दिक्कत न नहीं आई और पापा जल्दी ठीक हो जाएं. अब वह घर पर हैं और काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं."
प्रेम और अमिताभ की दोस्ती
प्रेम और अमिताभ ने 1970 और 1980 के दशक में कई बॉलीवुड फिल्मों में साथ काम किया. प्रेम अक्सर फिल्मों में विलेन का किरदार निभाते थे. अमिताभ बच्चन के साथ उन्होंने 'दो अनजाने' (1976), 'द ग्रेट गैम्बलर' (1979), 'बेनाम' (1974), 'मर्द' (1985) और 'नसीब' (1981) जैसी शानदार फिल्में की हैं.
प्रेम चोपड़ा का फिल्मी करियर
प्रेम ने छह दशकों से भी लंबे अपने करियर में 380 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है और हिंदी सिनेमा के सबसे मशहूर विलेन्स में से एक के तौर पर अपनी पहचान बनाई है. उनकी कुछ सबसे यादगार फिल्मों में वो कौन थी (1964), उपकार (1967), दो रास्ते (1969), कटी पतंग (1970), बॉबी (1973), दो अंजाने (1976), त्रिशूल (1978), दोस्ताना (1980) और क्रांति (1981) शामिल हैं.
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